July 4, 2026

खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का तंज, बोले- ‘हमने ईरान को एक हफ्ते की मोहलत दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं’

ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान जुटी भीड़ और डोनाल्ड ट्रंप का बयान।

International/Alive News: ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई दी जा रही है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक जनसभा में ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया।

माउंट रशमोर में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय दिया, क्योंकि “हम अच्छे लोग हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान किसी समझौते से पीछे हटता है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा।

ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि अमेरिका ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है और अब ईरान समझौता करने के लिए तैयार है। उनके इस बयान पर रैली में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और हंसी जताई।

तेहरान में कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार

दूसरी ओर, ईरान की राजधानी तेहरान में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो गईं। शहर की कई प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं और हवाई क्षेत्र पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों और लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार यह अंतिम विदाई देश के इतिहास के सबसे बड़े जनाजों में से एक हो सकती है।

शोक में डूबा तेहरान

शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर तेहरान के ग्रैंड मोसाला पहुंचे। लोगों के हाथों में खामेनेई की तस्वीरों वाले पोस्टर और बैनर दिखाई दिए। कई स्थानों पर शोक में लोग पारंपरिक तरीके से अपनी छाती पीटते नजर आए, जो शिया समुदाय की एक सामान्य धार्मिक परंपरा है।

27 वर्षीय हनानाह मौसावी, जो अपनी मां के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुईं, ने कहा कि वह अपने नेता को आखिरी विदाई देने आई हैं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा।

देशभक्ति और धार्मिक एकता का संदेश

तेहरान के अलावा ईरान के विभिन्न शहरों से भी लोग अंतिम संस्कार में पहुंचे। तबरीज से आए एक नागरिक ने कहा कि वे यह दिखाने आए हैं कि ईरान के लोग अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए एकजुट हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया मंच उसी शैली में तैयार किया गया है, जहां से खामेनेई अपने संबोधन दिया करते थे। बताया जा रहा है कि वह परिसर हालिया हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुका है।

4 जुलाई को अंतिम संस्कार का विशेष महत्व

ईरान ने अंतिम संस्कार के लिए 4 जुलाई का दिन चुना, जिस दिन अमेरिका अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इसे कई विश्लेषक अमेरिका को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं।

तेहरान में इस दौरान अमेरिका विरोधी नारे भी लगाए गए। सुरक्षा कारणों और हालिया युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सामान्य इस्लामी परंपरा से देर से आयोजित की गई।