Faridabad/Alive News: प्रदेश में आयुष्मान के पैनललिस्ट अस्पतालों पर शुक्रवार को समन्वित ढंग से छापेमारी की गई। इस छापेमारी की आईएमए हरियाणा ने कड़ी निंदा की है। ये छापेमारी पूरी तरह से बिना कारण, बिना किसी विशिष्ट शिकायत के की गई। सरकार की मनसा आयुष्मान पैनललिस्ट अस्पतालों को परेशान करने और डराने की थी। उक्त जानकारी आईएमए फरीदाबाद के पूर्व प्रधान डाॅ. सुरेश अरोड़ा ने एक प्रेस नोट जारी कर दी।
आईएमए हरियाणा ने एचएचपीए (आयुष्मान हरियाणा) के सीईओ सतवीर सिंह और उनकी टीम के साथ एक सार्थक ऑनलाइन बैठक की। अधिकारी ने उनकी बात को ध्यानपूर्वक सुना और आयुष्मान के इलाज के दौरान सरकार की ओर से होने वाली कमियों को स्वीकार किया और 4 मई को होने वाली अगली बैठक से पहले इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इस संतोषजनक बैठक के मद्देनजर, आईएमए हरियाणा ने विभाग के साथ साझा करने के लिए लंबित मामलों का डेटा एकत्र करना शुरू कर दिया था। आज की जबरदस्ती की कार्रवाई ने चल रही चर्चाओं को बाधित कर दिया है। ये छापेमारी केवल प्रचार के लिए की गई थीं, जिनमें अधिकारी बिना किसी विशिष्ट शिकायत के मीडिया कर्मियों और अपने बड़े दल के साथ अस्पतालों पर पहुंचे थे।
आईएमए हरियाणा ने अधिकारियों के इस रवैये की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आयुष्मान सूचीबद्ध निजी अस्पतालों का करीब 600 करोड़ रुपया देने की बजाय. उन्हें परेशान करने और डराने की कोशिश कर रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार इस योजना से पीछे हटने का गुप्त एजेंडा अपना रही है, लेकिन इसके लिए डॉक्टरों को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रही है। आईएमए की सभी प्रदेश इकाई 20 अप्रैल को अपने सदस्यों के साथ एक ऑनलाइन बैठक में इस स्थिति की समीक्षा करेंगे और आगे का निर्णय लेंगे।

