June 6, 2026

दो पीढ़ियों के बीच फंसी  ‘सैंडविच जेनरेशन’ कैसे संभाले जिम्मेदारियों और खुद को? 

New Delhi/Alive News। आज के समय में 40-50 वर्ष की उम्र  के लोग एक ऐसी स्थिति में  है। जहां वे एक साथ दो पीढ़ियों की जिम्मेदारी निभा रहे है एक तरफ उनके बच्चे है तो दुसरी तरफ बुजुग होते माता-पिता इसी कारण इनहे सैंडविच कहा जाता है।

इस दोहरी जिम्मेदारी के चलते अक्सर ये लोग खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते है इसका असर न केवल उनकी शाररीक सेहत पर पढता है बल्कि मानसिक तनाव और करियर पर भी साफ दिखाई देता है लगातार जिम्मेदारीयो के बोझ से व थकान चिडचिडापन और कभी-कभी अकेलापन का भी शिकार होते है

सैंडविच जेनेरशन कीन मुश्किलयो से गुजर रही है

  • माता-पिता की केयर कर रही इस पीढ़ी का अपने पार्टनर या बच्चों के साथ रिश्ता अधूरा हो सकता है। पति या पत्नी को लग सकता है कि उनको उतना समय नहीं मिल रहा है और बच्चे भी ऐसा सोच सकते हैं।
  • खुद पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पाता, ना तो अपनी हॉबी पर काम करने का और ना ही अपने लिए मी-टाइम निकालने का।
  • बिना ब्रेक लगातार काम करते रहने से स्वभाव में चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन जैसी स्थिति आ सकती है।
  • दो पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करने के क्रम में कई बार ऑफिस की डैडलाइन या जरूरतें प्रभावित होने लगती हैं।
  • इस तरह निकाल सकते हैं बीच का रास्ता
    • माइक्रो ब्रेक भी है सेहत के लिए फायदेमंद: भले ही आप दिनभर में लंबा ब्रेक न ले सकें, लेकिन कुछ मिनटों का समय निकालना भी बड़ा फर्क ला सकता है।
    • अपनी भावनाओ को मत दबाएं : केयरगिविंग काफी तनावभरा होता है, ऐसे में अपने मन की बात को दिल में दबाकर रखने से परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए जैसा भी महसूस कर रहे हों उसे बताने से हिचकें नहीं।
    • अकेले नही साथ मिलकर आगे बढे: इस काम में आप अपने भाई-बहनों, किसी करीबी रिश्तेदार या फिर दोस्तों की भी मदद ले सकते हैं। अपना एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बनाएं और जब भी जरूरत हो हेल्प लेने में संकोच ना करें।
    • एक हद तय करें: हर काम को हां कह देना आपको और भी तनाव में डाल सकता है। इसलिए कुछ नियम तय करें और जरूरत पड़े तो एक बाउंड्री सेट कर दें। काम का बोझ हल्का करने के लिए कुछ काम अपने पार्टनर को भी सौंप सकते हैं।
    • अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को बचाएं:  इस बोझ को हल्का करने के लिए बुजुर्गों के लिए मिलने वाली कुछ स्कीम आपकी मदद कर सकती हैं। आप बजटिंग टूल की मदद से भी अपने खर्चों का हिसाब-किताब रख सकते हैं।