August 25, 2026

हरियाणा की हवा हुई जहरीली, सांस और त्वचा सबंधी रोगियों की बढी परेशानी

Chandigarh/Alive News : दिवाली के बाद से हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढता जा रहा है। हवा जहरीली होती जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार देश के सर्वाधिक प्रदूषित 20 शहरों में प्रदेश के 11 जिले शामिल रहे। इन सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से अधिक रहा। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर शुक्रवार शाम सात बजे दिल्ली के बाद गुरुग्राम का एक्यूआई सर्वाधिक 477 दर्ज किया गया।

जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार ने दिवाली से पहले एनसीआर के 14 जिलों भिवानी, रोहतक, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, पानीपत सोनीपत, चरखी दादरी, करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, और रेवाड़ी में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद भी दिवाली की रात जमकर पटाखे फोड़े गए। वहीं तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार कर पराली जलाई गई।

सांस रोगियों की बढी
प्रदूषण अधिक होने से खराश, आंखों में जलन के मामले बढ़ गए हैं। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत सांस रोगियों को उठानी पड़ी। इससे त्वचा संबंधित बीमारियां भी बढ़ने की आशंका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले महीन कण पीएम-2.5 की 24 घंटे की औसत सांद्रता बढ़कर शुक्रवार को 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के पार पहुंच गई, जबकि 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित दर से तकरीबन पांच गुणा ज्यादा है। यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।