June 6, 2026

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला:100 रुपये में मिलेगा 2 लीटर फोर्टिफाइड सरसों का तेल, राशन डिपो पर 1 जून से वितरण शुरू

Faridabad/Alive News : हरियाणा सरकार द्वारा जून-2026 माह के लिए पात्र बीपीएल (BPL) एवं अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को रियायती दरों पर फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापित वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से यह तेल वितरित किया जाएगा।

जानिए क्या होंगे तेल के दाम (Ration Card Mustard Oil Price)

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक पात्र बीपीएल/एएवाई परिवार को प्रतिमाह दो लीटर फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके रेट्स इस प्रकार तय किए गए हैं:

तेल की मात्रारियायती दर (कीमत)
1 लीटर तेल₹30
2 लीटर तेल₹100

यह आपूर्ति जिलेवार आवंटन के तहत हैफेड (HAFED) तथा हर-हित (HAICL) के बीच आपसी सहमति से निर्धारित की गई है।

“Not for Sale – For PDS Only” मार्क होना अनिवार्य

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि हैफेड एवं हर-हित द्वारा प्रत्येक माह फोर्टिफाइड सरसों तेल कॉन्फेड के फोकल प्वाइंट पर उपलब्ध कराया जाएगा। तेल की प्रत्येक बोतल FSSAI मानकों के अनुरूप होगी तथा उस पर “Not for Sale – For PDS Only” अंकित किया जाना अनिवार्य रहेगा। सभी बोतलें पूरी तरह सीलबंद एवं लीकेज-प्रूफ होंगी। कुल आपूर्ति में 5% तेल एक लीटर की बोतलों में और 95% तेल दो लीटर की बोतलों में उपलब्ध कराया जाएगा।

1 जून से डिपो पर शुरू हो जाएगा वितरण

डीसी आयुष सिन्हा ने निर्देश देते हुए कहा, “जून माह की आपूर्ति के लिए तेल की डिलीवरी 20 से 30 मई के बीच कॉन्फेड फोकल प्वाइंट तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) तक समय पर डोर-स्टेप डिलीवरी कर 01 जून से वितरण प्रक्रिया शुरू की जा सके।”

गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता

प्रशासन द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक यह सुनिश्चित करेंगे कि तेल की जांच गुणवत्ता एवं मात्रा नियंत्रण समिति द्वारा होने के बाद ही इसे स्वीकार किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर तेल के नमूनों की लैब टेस्टिंग भी कराई जाएगी तथा मानक सही न मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।