Faridabad/Alive News: शहर में मेडिकल स्टोर चलाने के लिए पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी जरूरी है, लेकिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की जांच में पांच मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के संचालित मिले। एफडीए और सीआईए, बदरपुर बॉर्डर की संयुक्त टीम ने सेक्टर-37 हुडा मार्केट, तिलपत रोड, सराय ख्वाजा और अशोका एन्क्लेव में आठ मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। अब नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी है। जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा डॉ. मनोज कुमार के निर्देश और राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता के मार्गदर्शन में औषधि नियंत्रण अधिकारी संदीप गहलान के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। टीम ने दवाओं की बिक्री के लिए वैध चिकित्सकीय पर्चे की अनिवार्यता और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की भी जांच की। निरीक्षण रिपोर्ट में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के नियम 65 के उल्लंघन संबंधी निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सक्षम अनुज्ञापन प्राधिकारी नियम 66 के तहत संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद मामले के तथ्यों और संचालकों के जवाब के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
नशीली दवाओं की बिक्री नहीं मिली
अभियान के दौरान किसी भी मेडिकल स्टोर पर नशीली या आदत डालने वाली दवाओं की अवैध बिक्री का मामला सामने नहीं आया। हालांकि, एफडीए ने स्पष्ट किया कि दवा विक्रेताओं को नियमों का पालन करना और पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

