Faridabad/Alive News: साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने किराये पर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर 1.20 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 2 कॉलर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ठगी की पूरी 1,20 लाख की राशि भी बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगन (लुधियाना, पंजाब), विशाल (आगरा, उत्तर प्रदेश), प्रवीण (धौलपुर, राजस्थान) और मुकेश शर्मा (मानसरोवर, दिल्ली) के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-29 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 जून 2026 को उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए किराये पर वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेकर उसने अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से शिकायतकर्ता से 1.20 लाख विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। रकम मिलने के बाद न वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही पैसे लौटाए गए।
शिकायत मिलने पर साइबर थाना सेंट्रल ने मामला दर्ज कर तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि विशाल और प्रवीण शिकायतकर्ता को फोन कर खुद को ट्रांसपोर्टर बताते थे और वाहन किराये पर उपलब्ध कराने का झांसा देकर पैसे ट्रांसफर करवाते थे। वहीं गगन और मुकेश शर्मा गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनमें ठगी की रकम जमा कराई जाती थी।
जांच के अनुसार, मुकेश के बैंक खाते में 50 हजार और गगन के खाते में 70 हजार की ठगी की रकम आई थी।
पुलिस ने बताया कि मुकेश स्नातक है और प्रॉपर्टी का काम करता है। वह विशाल का रिश्ते में फूफा लगता है, जबकि विशाल और प्रवीण आपस में मित्र हैं। तीनों उत्तर प्रदेश के वृंदावन में किराये का कमरा लेकर वहीं से लोगों को कॉल कर इस तरह की साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ठगी की पूरी राशि बरामद कर ली। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां गगन को जमानत मिल गई, जबकि विशाल, प्रवीण और मुकेश शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

