Faridabad/Alive News : साइबर अपराधियों द्वारा कंपनी के निदेशक का फर्जी प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) कर रियल एस्टेट कंपनी से 78.50 लाख की ठगी करने के मामले में साइबर थाना सेंट्रल, फरीदाबाद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई राशि में से 58.60 लाख विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करा लिए गए, जबकि 50 लाख कंपनी के खाते में वापस भी आ चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरशांत निवासी गांव कातर (बिहार), प्रदीप कुमार शाह निवासी गांव पचवरा, छपरा (बिहार) तथा राहुल कुमार निवासी बड़ा शेखपुरा, बिहार, हाल न्यू एरिया गांधी नगर (बिहार) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि विरशांत बैंक खाते का धारक है, जिसने अपना खाता प्रदीप कुमार शाह और राहुल कुमार को उपलब्ध कराया था। उसके खाते में ठगी की रकम में से 25.50 लाख प्राप्त हुए थे। 12वीं पास विरशांत निजी नौकरी करता है। उसे 14 जून को गिरफ्तार कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
वहीं प्रदीप कुमार शाह और राहुल कुमार ने खाताधारक का बैंक खाता लेकर उसे आगे साइबर ठगों तक पहुंचाया था। दोनों आरोपियों को 17 जून को बिहार से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद लाया जा रहा है। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी के फर्जी लेटरहेड से की गई ठगी
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार अहीरवाड़ा, ओल्ड फरीदाबाद निवासी हिमांशु वर्मा, जो ADORE REALTECH Pvt. Ltd. में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर ठगों ने कंपनी के निदेशक का प्रतिरूपण करते हुए कंपनी के लेटरहेड पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
ठगों ने 3 जून को दो अलग-अलग RTGS ट्रांजेक्शन के जरिए 53 लाख और 25.50 लाख समेत कुल 78.50 लाख कंपनी के खाते से विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बची करोड़ों की रकम
मामले की शिकायत 4 जून को साइबर थाना सेंट्रल में प्राप्त हुई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही विभिन्न बैंकों से तत्काल संपर्क कर ठगी की रकम को ट्रैक किया गया।
पुलिस की तत्परता के चलते 58.60 लाख की राशि विभिन्न खातों में होल्ड कराई गई, जिनमें से 50 लाख कंपनी के खाते में वापस लौटाए जा चुके हैं। शेष राशि की रिकवरी और साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और नेटवर्क की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

