फरीदाबाद में गिरफ्तारी का डर दिखाकर 48 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राजीव आचार्य को 30 जून को नजफगढ़, दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी थर्ड लेयर (Third Layer) का खाताधारक है, जिसके बैंक खाते में ठगी के 2.40 लाख रुपये आए थे।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि राजीव आचार्य नजफगढ़ में रहता है और पेशे से इलेक्ट्रीशियन है। उसकी दुकान पर काम करने आने वाले एक व्यक्ति ने उसे बैंक खाते के जरिए पैसे कमाने का लालच दिया। लालच में आकर राजीव ने अपने बैंक खाते की जानकारी उसे दे दी।
इसके बाद उसके खाते में ठगी के 2,40,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। आरोपी ने यह रकम चेक के जरिए निकालकर ठगों को सौंप दी।
जांच में पता चला कि ठगी के कुल 48 लाख रुपये पहले First Layer के 2 खातों में आए। इसके बाद रकम Second Layer के 3 खातों में ट्रांसफर हुई और फिर Third Layer में आरोपी राजीव के खाते में पहुंची।
मामला तब सामने आया जब सेक्टर-8 बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को उसे एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हरियाणा प्रशासनिक विभाग, चंडीगढ़ का अधिकारी बताया।
ठग ने कहा कि पीड़ित के आधार कार्ड से फर्जी SIM जारी हुई है, जिसका इस्तेमाल आतंकवादी कर रहे हैं। साथ ही दावा किया गया कि उस नंबर से 7-8 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग भी हुई है।
इसके बाद पीड़ित को एक अन्य नंबर देकर कथित NIA अधिकारी से बात कराई गई। नकली अधिकारी ने कहा कि उनकी टीम पीड़ित को गिरफ्तार करने आ रही है। गिरफ्तारी के डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अलग-अलग 3 बैंक खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

