Faridabad/Alive News: ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद ने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) कैंसर के इलाज के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने पहली बार भोजन नली (एसोफेगस) के कैंसर के मरीजों की मिनिमली इनवेसिव थोराकोस्कोपिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है।
अस्पताल के अनुसार, इस तकनीक से तीन मरीजों की सर्जरी की गई और सभी मरीज तेजी से स्वस्थ हुए। ऑपरेशन के बाद उन्हें 10 दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यह सर्जरी ESIC फरीदाबाद में पहली बार की गई है और इसे संस्थान के GI ऑन्कोलॉजी प्रोग्राम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, जल्दी रिकवरी और अस्पताल में कम समय तक रहने का लाभ मिलता है।
पिछले एक वर्ष में अस्पताल की GI सर्जरी यूनिट ने 100 से अधिक बड़ी कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। इनमें भोजन नली, पेट, पैंक्रियास, लिवर, पित्त की थैली, पित्त नली, कोलन और रेक्टम के कैंसर का उपचार शामिल है।
अस्पताल में अब एसोफेजेक्टॉमी, व्हिपल सर्जरी, रेडिकल गैस्ट्रेक्टॉमी, जटिल कोलोरेक्टल कैंसर सर्जरी और हेपेटोबिलियरी कैंसर सर्जरी जैसी कई उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही मिनिमली इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक और थोराकोस्कोपिक कैंसर सर्जरी भी की जा रही हैं।
GI ऑन्कोलॉजी सेवाओं का नेतृत्व GI ऑन्कोसर्जन डॉ. राहुल गौतम कर रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में आधुनिक और किफायती कैंसर उपचार सेवाओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि साबित करती है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के सहयोग से जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकती हैं। ESIC फरीदाबाद अब क्षेत्र में GI कैंसर उपचार और विशेषज्ञ देखभाल के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

