Faridabad/Alive News : ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक, ईस्टर संडे, इस वर्ष 5 अप्रैल 2026 को दुनिया भर में हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाया जाएगा। गुड फ्राइडे के शोक के बाद, यह दिन प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने की खुशी और मृत्यु पर जीवन की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
शोक से उल्लास की ओर
एक आध्यात्मिक यात्रा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ईस्टर का पर्व गहरे परिवर्तन का संदेश देता है। जहां 3 अप्रैल (गुड फ्राइडे) को यीशु के बलिदान पर शोक व्यक्त किया जाएगा, वहीं उसके ठीक दो दिन बाद रविवार को उनके पुनर्जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। बाइबल के अनुसार, पुनर्जीवित होने के बाद यीशु 40 दिनों तक पृथ्वी पर रहे और अपने शिष्यों को प्रेम, क्षमा और करुणा का मार्ग दिखाया।
क्यों बदलती है ईस्टर की तारीख?
ईस्टर की तिथि हर साल एक समान नहीं रहती। यह खगोलीय गणना के आधार पर वसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा (Vernal Equinox) के बाद आने वाले पहले रविवार को मनाया जाता है। इसी गणना के कारण वर्ष 2026 में यह 5 अप्रैल को पड़ा है।
उत्सव के रंग: परंपरा और आधुनिकता का संगम
ईस्टर केवल प्रार्थना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुशियों को साझा करने का भी पर्व है।
इस दिन चर्चों और घर में ये विशेष गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी
ईस्टर एग (Easter Eggs): अंडे को नए जीवन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। लोग अंडों को आकर्षक रंगों और डिजाइनों से सजाते हैं।
एग हंट: बच्चों के लिए ‘ईस्टर एग हंट’ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जिसमें छिपे हुए चॉकलेट और रंगीन अंडों को ढूंढना एक रोमांचक अनुभव होता है।
विशेष व्यंजन: इस दिन रसोई में ‘हॉट क्रॉस बन्स’, विशेष केक और पारंपरिक पकवानों की खुशबू महकती है।
प्रार्थना और दान: सूर्योदय के समय चर्चों में विशेष ‘सनराइज सर्विस’ आयोजित होती है। मोमबत्तियां जलाकर पवित्र गीत गाए जाते हैं और जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र दान कर मानवता का संदेश दिया जाता है।
अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश
”ईस्टर हमें सिखाता है कि जीवन में कठिनाइयां चाहे कितनी भी गहरी क्यों न हों, अंततः सत्य, आशा और उजाले की ही जीत होती है। यह अटूट विश्वास और ईश्वर के प्रति समर्पण का पर्व है।”
शुभकामनाएं: ईस्टर के इस पावन अवसर पर चर्चों को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है। श्रद्धालु नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे को ‘हैप्पी ईस्टर’ कहकर बधाई देंगे और सुख-शांति की कामना करेंगे।

