June 16, 2026

E20 फ्यूल से इंजन खराब होने पर भी मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? PIB ने वायरल दावों की बताई सच्चाई

E20 फ्यूल और वाहन इंश्योरेंस क्लेम पर PIB फैक्ट चेक

New Delhi/Alive News: देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के उपयोग को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इनमें से एक दावा यह भी है कि यदि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से कार या बाइक का इंजन खराब हो जाता है, तो वाहन मालिक को इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलेगा। अब सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है।

PIB ने वायरल दावे को बताया फर्जी

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली PIB फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि E20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण मोटर वाहन का इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने की खबरें भ्रामक और फर्जी हैं।

PIB के अनुसार, E20 फ्यूल इस्तेमाल करने के बाद भी वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह वैध रहती है। इसलिए केवल E20 ईंधन के उपयोग के आधार पर किसी वाहन का इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट नहीं किया जा सकता।

अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील

PIB ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। बिना सत्यापन के गलत जानकारी साझा करने से बचें।

देशभर में बढ़ रहा E20 फ्यूल का इस्तेमाल

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब देश के अधिकांश हिस्सों में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले समय में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के विस्तार के साथ फीडस्टॉक उपलब्धता, सप्लाई चेन, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समन्वय जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

सरकार क्यों बढ़ावा दे रही है एथेनॉल मिश्रित ईंधन?

केंद्र सरकार आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है।

इसी दिशा में सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर E85 फ्यूल भी लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में एथेनॉल के उपयोग को बढ़ाना और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।

E85 फ्यूल की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी

वर्तमान में E85 फ्यूल सरकारी तेल विपणन कंपनियों के 48 रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है। सरकार की योजना दिसंबर 2026 तक इसे 500 पेट्रोल पंपों और दिसंबर 2027 तक लगभग 5,000 आउटलेट्स तक पहुंचाने की है।

सरकार का मानना है कि एथेनॉल आधारित ईंधन का व्यापक उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा।