Gungunsharma/Alive
Noida: शहर में शुरू हुई ई-बस सेवा अब जब नियमित रूप से सड़कों पर दौड़ने लगी है, लेकिन बस चालकों को अभी भी पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। दूसरी ओर कई स्थानों पर ऑटो चालकों द्वारा ई-बसों को सवारी भरने से रोकने और स्टॉपेज से हटाने का दबाव बनाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में नई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को शुरुआत में ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक ई-बस चालक ने बताया कि वह सुबह करीब दस बजे सेक्टर-37 में सवारी लेने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने यात्रियों को बस में बैठने के लिए आवाज लगाई, वहां खड़े ऑटो चालकों ने उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया। इसी तरह चार मूर्ति पर भी बस चालकों को विरोध का सामना करना पड़ा। चालकों का कहना कि ऑटो चालक उन्हें स्टॉपेज पर अधिक देर तक खड़े नहीं होने देते और जल्द स्थान खाली करने का दबाव बनाते हैं।
वहीं, मोरना डिपो पर भी ई-बस चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोरना जो ई-बसों का एक प्रमुख स्टॉपेज है, लेकिन यहां ऑटो चालकों के अतिक्रमण के कारण बसों को रुकने में दिक्कत हो रही है। दोपहर करीब एक बजे एक डबल डेकर ई-बस को निर्धारित स्थान से आगे जाकर यात्रियों को उतारना और चढ़ाना पड़ा। चालकों का कहना है कि यह स्थिति लगभग रोज देखने को मिल रही है।
ई-बसों की संख्या बढ़ने के साथ मोरना बस डिपो में जगह की कमी भी सामने आने लगी है। सुबह से रात तक चार्जिंग के लिए बसें डिपो पहुंच रही हैं। यहां रोजाना 25 से अधिक ई-बसें खड़ी रहती हैं, जिसके कारण रोडवेज बसों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बच रही है। कई बार बसों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ रहा है।
एक सप्ताह बाद भी नहीं बढ़ी यात्रियों की संख्या
ई-बस सेवा शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यात्रियों की संख्या उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ी है। चालकों के अनुसार पूरे दिन में एक बस में दस यात्री ही आ रहे हैं। वहीं, मोरना पर खड़े ऑटो चालक एक बार में आठ से नौ सवारियां लेकर निकल रहे हैं। लोगों में अभी भी ई-बस सेवा की जानकारी और जागरूकता की कमी दिखाई दे रही है।
बिना यूनिफॉर्म के ड्यूटी कर रहे चालक
ई-बस सेवा में तैनात कई चालक यूनिफॉर्म के बिना ही बसों का संचालन कर रहे हैं। परिवहन नियमों के अनुसार ड्यूटी के दौरान चालक और परिचालक को निर्धारित ड्रेस पहनना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई चालक बिना यूनिफॉर्म के नजर आ रहे हैं, जिससे नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।

