August 22, 2026

नोएडा ईएसआइसी अस्पताल में डिजिटल फ्रॉड, ओटीपी बताए बिना पूर्व डॉक्टर के दस्तखत से जारी हुआ बर्थ सर्टिफिकेट

Noida/Alive News: भारतीय नागरिकता के लिए महत्वपूर्ण आधार जन्म प्रमाण पत्र बनाने में नोएडा के ईएसआइसी अस्पताल प्रबंधन का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

चौकाने वाली बात है कि प्रबंधन ने दो महीने पहले पद से हटाए गए रजिस्ट्रार से बिना ओटीपी पूछे और उनके डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग कर शुक्रवार को एक शिशु का सेक्टर-63 छिजारसी के पते पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

फर्जीवाड़ा सामने आने पर सीएमओ से लेकर प्रबंधन के अधिकारी बयान देने से बचते रहे। गंभीर प्रकरण में मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने भी कोई जवाबदेही समझने की कोशिश नहीं की। पूर्व रजिस्ट्रार फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए साइबर क्राइम थाने में पुलिस को शिकायत देंगे।

उन्नाव के ग्राम पिडना में रहने वाली गर्भवती प्रीति सिंह ने सेक्टर-24 स्थित ईएसआइसी अस्पताल में एक जुलाई 2026 को नवजात शिशु को जन्म दिया था। सफल डिलीवरी के बाद पति राकेश सिंह दोनों को घर ले गए थे।

उन्होंने शिशु का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अस्पताल में जरूरी दस्तावेज जमा किए। उन्हें 21 अगस्त को प्रमाण पत्र देने का आश्वासन दिया था। शुक्रवार को प्रमाण पत्र जारी हुआ तो प्रबंधन का बड़ा फर्जीवाड़ा देखकर सभी के होश उड़ गए।

प्रारंभिक जांच में आया कि दो महीने पहले रजिस्ट्रार पद से हटाए गए माइक्रो बायोलाॅजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ब्रह्मनीश सितारा के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

प्रोफेसर के मोबाइल पर कई बार ओटीपी भी भेजा गया, लेकिन उन्होंने ओटीपी नहीं बताया तो वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय से ओटीपी पूछकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अब इस गंभीर लापरवाही पर प्रबंधन के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

जांच के घेरे में हैं 18 मई के बाद जारी किए प्रमाण पत्र

बताया कि असिस्टेंट प्राेफेसर डॉ. ब्रह्मनीश सितारा से रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी ले ली गई थीं। उन्हें 18 मई 2026 को मेडिकल कालेज की डीन डॉ. हरनाम कौर ने माइक्रो बायोलाजी विभाग में तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट करने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद उन्होंने जन्म एवं प्रमाण पत्र बनाने का काम भी छाेड़ दिया था। सवाल ये है कि जब उनसे जिम्मेदारी ले ली गई थी तो प्रबंधन ने किस आधार से उनके डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग कर जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

फिलहाल असिस्टेंट प्रोफेसर को हटाए जाने के बाद से अभी तक जारी किए जन्म प्रमाण पत्र जांच के दायरे में हैं। वहीं सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ला को मेडिकल सुपरिटेंडेंट् डॉ. तनवीर करीम ने 13 जुलाई 2026 को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण समेत अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी। इसका पत्र भी जारी हुआ था।