New Delhi/Alive News: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक 5 मंजिला पुरानी इमारत अचानक गिर गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय इमारत में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। चश्मदीदों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान पूरी इमारत ढह गई। राहत और बचाव दल ने अब तक 9 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें करीब 20 से 25 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो छात्र रहते थे। हादसे के समय इमारत के अंदर 50 से ज्यादा लोगों के होने की बात सामने आई है।
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और हादसे से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राहुल गांधी ने हॉस्टल व्यवस्था पर उठाए सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हादसे को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने बचाव दलों से मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की अपील की।
राहुल गांधी ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त और अच्छी हॉस्टल सुविधाएं नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और बेहतर रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि छात्रों का जीवन पहले ही कई चुनौतियों से भरा है और उन्हें असुरक्षित इमारतों में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने राहत कार्य तेज करने की अपील की
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की और प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं।
केजरीवाल ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित निकालने की प्रार्थना की। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की।
CJP ने भी उठाए सवाल
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी हादसे को लेकर छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुरक्षित कक्षाएं, सुरक्षित हॉस्टल और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि राजधानी दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों को भी यदि असुरक्षित इमारतों में रहना पड़ रहा है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।

