June 17, 2026

खिलौनों में लगने वाली बटन बैटरियां बनी जानलेवा

Noida/Alive News: खिलौनों, छोटी गाड़ियों, घड़ियों, रिमोट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली बटन बैटरियां बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। हाल ही में एक मामला नोएडा सेक्टर 110 स्थित  यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से सामने आया है जहां एक दस माह के मासूम युवराज ने बैटरी निगल ली थी और बाद में जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि युवराज को लगातार दो माह से खांसी, दूध पीते समय सांस रुकने और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया। जिसके बाद जांच में पता चला कि उसकी भोजन नली में बटन बैटरी फंसी हुई है। आपातकालीन एंडोस्कोपी के जरिए बैटरी निकाली गई, लेकिन तब तक उसके रासायनिक प्रभाव से भोजन नली और श्वास नली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। दोनों के बीच असामान्य मार्ग बन जाने से बच्चे को बार-बार निमोनिया जैसी जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ा।

डॉक्टर ने पहले बच्चे के पोषण के लिए फीडिंग जेजुनोस्टॉमी की, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर पुनर्निर्माण सर्जरी का निर्णय लिया गया। करीब तीन घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में भोजन नली और श्वासनली को अलग कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की सफलतापूर्वक ठीक किया गया। जिसका नेतृत्व वरिष्ठ सलाहकार एवं पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. जय भारत पंवार ने किया। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में वह सामान्य रूप से भोजन कर पा रहा है।

डॉ. जय भारत पंवार ने बताया कि बटन बैटरी निगलना बच्चों में सबसे खतरनाक आपात स्थितियों में से एक है, क्योंकि यह कुछ ही घंटों में भोजन नली और आसपास के ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि ऐसी बैटरियों और उपकरणों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें तथा निगलने की आशंका होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।