New Delhi/Alive News: लोकसभा की सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। सरकार इस बिल को पास कराने में नाकाम रही। इस बिल में लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था।
इस बिल पर करीब 21 घंटे चर्चा हुई, जिसके बाद वोटिंग कराई गई। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला। बिल के पक्ष में 298 वोट मिले, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट जरूरी थे, लेकिन सरकार 54 वोट कम पड़ गई।
यह पिछले कई सालों में पहली बार है जब सरकार लोकसभा में कोई बड़ा (कोर) बिल पास नहीं करा पाई।
सरकार ने इससे जुड़े दो अन्य बिल—परिसीमन संशोधन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल 2026—पर वोटिंग भी नहीं कराई। सरकार का कहना था कि ये दोनों बिल मुख्य बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए अलग से वोटिंग की जरूरत नहीं है।
महिला आरक्षण पर असर:
महिला आरक्षण कानून बना रहेगा, लेकिन इसका फायदा अब 2029 के चुनाव में नहीं मिलेगा। यह आरक्षण अब नई जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू होगा, यानी 2034 के चुनाव तक इंतजार करना पड़ सकता है।
अगर बिल पास हो जाता तो क्या होता?
अगर यह बिल पास हो जाता, तो सभी राज्यों में लोकसभा सीटें लगभग 50% बढ़ जातीं। उसी हिसाब से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं।
सरकार के पास अब क्या विकल्प हैं?
सरकार इस बिल में बदलाव करके दोबारा पेश कर सकती है। साथ ही विपक्ष से बातचीत कर सहमति बनाने की कोशिश कर सकती है।
विपक्ष ने विरोध क्यों किया?
विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया, लेकिन परिसीमन को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों की ताकत कम हो सकती है और कुछ वर्गों को नुकसान हो सकता है।
परिसीमन विवाद क्या है?
परिसीमन का मतलब है आबादी के आधार पर सीटों की संख्या और सीमाएं तय करना। विपक्ष को डर है कि इससे उत्तर भारत के राज्यों को ज्यादा फायदा होगा, जबकि सरकार का कहना है कि सभी राज्यों को फायदा मिलेगा।
संसद में नेताओं के बयान:
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बिल का क्रेडिट नहीं चाहिए और सभी दल मिलकर इसे पास करें।
वहीं विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए यह बिल ला रही है।
यह बिल गिरने से सरकार को बड़ा झटका लगा है और महिला आरक्षण लागू होने में देरी तय मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस पर है कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

