आईजीएनसीए में तीन दिवसीय अयोध्या पर्व का हुआ शुभारंभ
New Delhi/AliveNews : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अयोध्या केवल एक भौगोलिक इकाई या ऐतिहासिक नगर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत निरंतरता का मूल स्रोत है। यह सभ्यता का उद्गम स्थल है, जहां इतिहास ने स्वयं को गढ़ने का काम किया है।
शुक्रवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में अयोध्या न्यास के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय ‘अयोध्या पर्व 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मणिरामदास छावनी के महंत कमल नयन दास महाराज ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा भगवान राम के आदर्शों से ही संभव है। राम का आदर्श सामाजिक समरसता का है, जिन्होंने शबरी और जटायु को वह प्रेम दिया जो ऋषियों के लिए भी दुर्लभ था।
राम की अयोध्या है : भैयाजी जोशी
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा कि आज का परिवेश बताता है कि अयोध्या के राम नहीं, बल्कि राम की अयोध्या है। उन्होंने एक सुखद संयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ के 100वें वर्ष में राम मंदिर का निर्माण देश का नया इतिहास लिखने की शुरुआत है। यह ईश्वरीय शक्ति का केंद्र है।
राजस्थान में भी मनेगा अयोध्या पर्व
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान और अयोध्या का अटूट संबंध है। कछवाहा राजवंश भगवान राम के पुत्र कुश का वंशज है। उन्होंने आयोजकों से अयोध्या पर्व का आयोजन राजस्थान में भी करने का आग्रह किया। आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा कि अयोध्या के विकास में काशी मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस पर्व में फोटो प्रदर्शनी, ‘बड़ी है अयोध्या’ और पंडित रामकिंकर उपाध्याय पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहीं और अयोध्या पर्व की स्मारिका और रामोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।
इसके साथ फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
अयोध्या में बनेंगे रामचरितमानस के ‘काण्ड’ पर आधारित थीम पार्क
उद्घाटन से पूर्व ‘भविष्य की अयोध्या’ सत्र में यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह (राकेश कुमार सिंह) ने सुझाव दिया कि अयोध्या में प्रवेश से पहले विभिन्न स्थानों पर रामचरितमानस के अलग- अलग काण्ड पर आधारित थीम पार्क बनाए जाने चाहिए। सत्र में बताया गया कि कई देशों ने अयोध्या में अपने केंद्र बनाने की इच्छा जताई है। इस दौरान डॉ. सच्चिदानंद जोशी, लल्लू सिंह, अशोक वाजपेयी और डॉ. बी.एल. गौड़ भी मौजूद रहे।

