Noida/Alive News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल ग्रेटर नोएडा की हवा जून महीने में लगातार खराब रही। इसका बड़ा कारण अधिक गर्मी, वाहनों की आवाजाही में अधिकता और तेज हवाओं के साथ उड़ते धूलकण हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार जून 2025 की तुलना में जून 2026 में वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जून 2025 में शहर की हवा ज्यादातर मध्यम श्रेणी में रही। पूरे महीने में 6 दिन 18, 19, 20, 24, 29 और 30 जून को एक्यूआई ग्रीन जोन यानी संतोषजनक श्रेणी में रहा। इस दौरान सबसे अच्छा एक्यूआई 63 और 69 दर्ज किया गया। सिर्फ 13 जून को एक्यूआई 211 के साथ हवा खराब श्रेणी में पहुंची थी।
वहीं जून 2026 के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। इस बार पूरे महीने में सिर्फ दो दिन एक और 12 जून को ही हवा संतोषजनक रही। बाकी 28 दिन हवा मध्यम से खराब श्रेणी में बनी रही। 6, 9, 10, 15, 16, 18, 22, 23, 27 और 29 जून को एक्यूआई 200 के पार पहुंचकर खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। 22 जून को पीएम 10 का स्तर 287 पर पहुंच गया, जो पिछले दो सालों में जून महीने का सबसे अधिक स्तर है।
प्रदूषण कम करने के उपाय
प्रदूषण कम करने के लिए निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव, एंटी-स्माग गन का उपयोग और सड़कों की नियमित सफाई तेज करनी होगी। लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। साथ ही पौधरोपण और हरित पट्टियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
प्रदूषण बढ़ने के कारण
इस साल जून में तेज गर्मी और धूल भरी हवाओं के कारण पीएम 10 का स्तर बढ़ा। इसके अलावा निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के उपायों में लापरवाही, वाहनों से निकलने वाला धुआं, छिटपुट स्थानों पर कचरा जलाना भी मुख्य वजह रहे। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विकास मिश्रा का कहना है कि प्राधिकरण के साथ मिलकर इसे नियंत्रित करने का प्रयास चल रहा है।

