June 6, 2026

पांचवें नवरात्रि पर मां स्कंदमाता की भव्य पूजा-अर्चना का किया आयोजन

Faridabad/Alive News : नवरात्रि के पावन अवसर पर पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। शहर के महारानी वैष्णो देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां भक्तों ने विधि-विधान से पूजा कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।

मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातःकालीन आरती का शुभारंभ कराया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और मां स्कंदमाता की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि वे ज्ञान, समृद्धि और वात्सल्य की देवी मानी जाती हैं।

उन्होंने बताया कि नवरात्रि का पांचवां दिन विशेष रूप से मां स्कंदमाता को समर्पित होता है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। इस दिन भक्त पीले वस्त्र धारण कर मां को पीले फूल, फल और विशेष रूप से केले का भोग लगाते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया और माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता सिंह पर सवार रहती हैं और अपनी गोद में बालक स्कंद को धारण करती हैं, इसी कारण उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। इस दिन की पूजा से बुद्धि का विकास, संतान सुख और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर मां की प्रतिमा स्थापित कर पीले पुष्प, केले, पान, सुपारी और लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है साथ ही “या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता…” मंत्र का जाप विशेष फलदायी बताया गया है।

मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। संतान प्राप्ति और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना लेकर पहुंचे भक्तों ने मां स्कंदमाता की आराधना की। आयोजकों का कहना है कि सच्चे मन से की गई पूजा से मां सभी भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करती हैं।