Faridabad/Alive News: फरीदाबाद साइबर थाना एनआईटी की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में टेलीग्राम के जरिए निवेश पर मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 3.67 लाख रुपये ठगे गए। वहीं, दूसरे मामले में गैस एजेंसी की फर्जी केवाईसी एप्लीकेशन भेजकर मोबाइल हैक किया गया और बैंक खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पहला मामला: टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर 3.67 लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार, अनंगपुर निवासी एक व्यक्ति को 28 सितंबर को टेलीग्राम पर निवेश कर मुनाफा कमाने का संदेश मिला था। उसने शुरुआत में 374 रुपये निवेश किए, जिसके बदले उसे 600 रुपये वापस मिले। इससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उससे अलग-अलग किस्तों में कुल 3,67,824 रुपये जमा करवा लिए।
बाद में ठगों ने रकम फ्रीज होने का बहाना बनाकर उससे 2,69,880 रुपये और जमा करने को कहा। इस पर शिकायतकर्ता को ठगी का पता चला।
पुलिस ने मामले में बिक्रम निवासी सेक्टर-25, मदनपुरी, पंचकूला को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि उसने अपने एक जानकार के माध्यम से अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। उसके खाते में ठगी के 68 हजार रुपये आए थे। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दूसरा मामला: फर्जी केवाईसी एप्लीकेशन से मोबाइल हैक कर निकाले 20 हजार
उत्तम नगर निवासी एक व्यक्ति का इंडेन गैस कनेक्शन से सिलेंडर बुक नहीं हो रहा था। इस पर उसने गूगल पर रिच फ्लेम गैस एजेंसी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। वहां मिले नंबर पर कॉल नहीं लगने के कुछ समय बाद उसे दूसरे नंबर से व्हॉट्सऐप कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया और कहा कि उसकी केवाईसी लंबित है। इसके बाद उसने इंडेन गैस के लोगो वाली एक एप्लीकेशन भेजी। शिकायतकर्ता ने जैसे ही एप्लीकेशन पर क्लिक किया, उसका मोबाइल हैक हो गया और स्क्रीन ब्लैक हो गई। बाद में बैंक स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने विसंत कुमार निवासी गांव बरला, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने पिता का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते से दूसरे राज्यों में साइबर ठगी के सात मामले जुड़े मिले हैं। खाते में ठगी के 10 हजार रुपये आए थे। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

