September 19, 2026

इस्कॉन सेक्टर-37 में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई राधाष्टमी, श्रद्धालुओं ने किए राधा-कृष्ण के दर्शन

फरीदाबाद के इस्कॉन सेक्टर-37 मंदिर में राधाष्टमी उत्सव के दौरान राधा-कृष्ण के दर्शन करते श्रद्धालु

Faridabad/Alive News: सेक्टर-37 स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रीमती राधारानी का प्राकट्य दिवस राधाष्टमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और राधा-कृष्ण के दर्शन किए। मंदिर में कीर्तन, कथा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

गौड़ीय वैष्णव परंपरा के अनुसार, श्रीमती राधारानी भगवान श्रीकृष्ण की आंतरिक आध्यात्मिक शक्ति हैं। उन्हें शुद्ध भक्ति और निष्काम प्रेम का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है। भक्त राधारानी से श्रीकृष्ण की प्रेममयी सेवा का अवसर प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।

राधाष्टमी समारोह की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से हुई। इसके बाद सुबह 7:30 बजे दर्शन आरती और गुरु पूजा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात इस्कॉन ईस्ट ऑफ कैलाश मंदिर के अध्यक्ष मोहन रूप प्रभु ने राधारानी के प्राकट्य और उनकी भक्ति-महिमा पर कथा सुनाई।

कथा के बाद श्रद्धालुओं ने हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन किया। इसके बाद भगवान को भोग अर्पित किया गया और श्री राधा-कृष्ण का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर इस्कॉन फरीदाबाद मंदिर के अध्यक्ष गोपीश्वर दास ने कहा कि राधाष्टमी भक्तों के लिए श्रीमती राधारानी की महान भक्ति, प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण की सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करने का विशेष अवसर है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष का उत्सव इस्कॉन के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि संस्था अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रही है। उनके अनुसार, श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के मार्गदर्शन में इस्कॉन ने पिछले छह दशकों में विश्वभर में श्रीकृष्ण भक्ति और भगवद्गीता के संदेश को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।