Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे मिशन एड्स सुरक्षा अभियान के तहत एक साल में नए संक्रमण के मामलों में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में जिले में एचआईवी के 638 नए मामले सामने आए थे, जो 2025-26 में घटकर 610 रह गए। यानी एक साल में नए मामलों की संख्या में 28 की कमी आई है। इसी के साथ संक्रमित लोगों की पहचान, जांच और वायरल लोड नियंत्रण के बेहतर प्रदर्शन के चलते फरीदाबाद अब ‘संघर्षशील’ से ‘सक्षम’ श्रेणी में पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान और उन्हें नियमित उपचार से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। फिलहाल 95 प्रतिशत संक्रमित लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी है। वहीं 84 प्रतिशत संक्रमित नियमित रूप से दवाएं ले रहे हैं और 95 प्रतिशत संक्रमितों का वायरल लोड नियंत्रित है।
इलाज से जुड़े मरीजों का प्रतिशत बढ़ाना अगला लक्ष्य
जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. मनोज बजाज के अनुसार, फरीदाबाद ने एचआईवी नियंत्रण के कई महत्वपूर्ण मानकों में अच्छा प्रदर्शन किया है। अब विभाग का फोकस उन संक्रमित लोगों को नियमित दवा से जोड़ने पर है, जो उपचार में निरंतरता नहीं रख पा रहे हैं। दवा नियमित लेने से वायरल लोड को नियंत्रित रखने और संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिलती है। प्रदेश के 23 जिलों में फरीदाबाद समेत छह जिले सक्षम श्रेणी में पहुंचे हैं। इनमें जींद, अंबाला, रेवाड़ी, सोनीपत और पलवल शामिल हैं। वहीं पंचकूला, भिवानी, कैथल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर सुरक्षित श्रेणी में पहुंच चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब फरीदाबाद को सक्षम से सुरक्षित श्रेणी में लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए संक्रमित लोगों की पहचान के साथ उन्हें नियमित उपचार से जोड़ना सबसे अहम चुनौती है। केंद्र सरकार के 95-95-95 मानकों को पूरा करने के लिए दवा की निरंतरता और नियमित फॉलोअप पर जोर दिया जा रहा है।
वर्जन
फरीदाबाद का संघर्षशील से सक्षम श्रेणी में पहुंचना स्वास्थ्य विभाग की टीमों के लगातार प्रयासों का परिणाम है। अब हमारा लक्ष्य संक्रमित लोगों को नियमित उपचार से जोड़कर दवा लेने का प्रतिशत बढ़ाना और जिले को सुरक्षित श्रेणी में पहुंचाना है।”
— डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, फरीदाबाद

