September 13, 2026

गुटखा-खैनी और सिगरेट की लत के बीच बढ़ रहा कैंसर का खतरा, दो साल में 36% उछाल  

Prabhjot Kaur/Alive News

Faridabad: एक गुटखा, एक खैनी या सिगरेट का कश कई लोगों के लिए यह रोज की आदत है, लेकिन यही आदत कब गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ा दे, इसका अंदाजा नहीं होता। फरीदाबाद में कैंसर के बढ़ते आंकड़े भी इसी खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं। जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर में कैंसर के मामले दो साल में करीब 36 फीसदी बढ़ गए हैं। वर्ष 2023 में जहां 6,181 कैंसर के मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 8,409 हो गई। यानी दो साल में 2,228 मामलों की बढ़ोतरी हुई।

जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में कैंसर के 6181 मरीज दर्ज किए गए थे। इसके बाद 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 7190 हो गया। यानी एक साल में 1009 मरीज बढ़े। वहीं 2025 में कैंसर के 8409 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 के मुकाबले 1219 अधिक हैं। इस तरह 2023 से 2025 के बीच कुल 2228 मामलों की बढ़ोतरी हुई। 2025 में दर्ज मरीजों की संख्या पिछले तीन वर्षों में सबसे ज्यादा रही। हर साल मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने से स्वास्थ्य विभाग के सामने कैंसर की रोकथाम और समय पर जांच की चुनौती भी बढ़ रही है।

जिला अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश रंगा के अनुसार इस साल जनवरी से सितंबर तक जिला अस्पताल में कैंसर के 160 मरीज पहुंच चुके हैं। जिसमें करीब सबसे ज्यादा मुंह और लंग्स के कैंसर के मरीज थे। मुंह के कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में गुटखा और खैनी जैसे चबाने वाले तंबाकू के साथ सिगरेट और बीड़ी शामिल हैं। लंबे समय तक तंबाकू का सेवन मुंह के अंदर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि कई लोग मुंह में होने वाले शुरुआती बदलावों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मुंह में लंबे समय तक छाला रहना, सफेद या लाल धब्बा दिखना, किसी जगह पर गांठ बनना, मुंह खोलने में परेशानी या लगातार दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।