September 3, 2026

आंध्र प्रदेश में एंटी-मलेरिया दवा खाने के बाद 52 लोग बीमार, 7 साल की बच्ची की मौत

आंध्र प्रदेश के गोल्लागुप्पा गांव में बीमार लोगों का इलाज करते डॉक्टर

New Delhi/Alive News: पोलावरम जिले के गोल्लागुप्पा गांव में मलेरिया से बचाव के लिए दी गई क्लोरोक्वीन की गोलियां खाने के बाद 52 लोग बीमार पड़ गए। इनमें बच्चे और ग्रामीण शामिल हैं। इलाज के दौरान 7 साल की बच्ची मदिवी जमुना की मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मलेरिया की रोकथाम के लिए मेडिकल कैंप लगाया था। जांच के बाद ग्रामीणों को क्लोरोक्वीन की गोलियां दी गईं। अधिकारियों के मुताबिक, कुल 71 लोगों को दवा दी गई थी। इसके बाद कुछ लोगों ने पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और पेट में जलन जैसी शिकायत की।

उल्टी और पेट में जलन के बाद बच्ची की मौत

7 साल की मदिवी जमुना की तबीयत दवा लेने के बाद बिगड़ी। उसे उल्टी और पेट में जलन की शिकायत हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल 52 प्रभावित लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। बच्ची की मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है।

52 मरीज भद्राचलम अस्पताल में भर्ती

तबीयत बिगड़ने पर कुछ मरीजों को गोल्लागुप्पा के लक्ष्मीपुरम PHC और कुछ को तेलंगाना के भद्राचलम एरिया अस्पताल ले जाया गया। बाद में PHC में भर्ती मरीजों को भी बेहतर इलाज के लिए भद्राचलम भेज दिया गया। अब कुल 52 लोगों का इलाज भद्राचलम अस्पताल में चल रहा है।

गांव में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात

घटना के बाद जिला प्रशासन ने गोल्लागुप्पा में मेडिकल कैंप लगाया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें भी गांव में तैनात की गई हैं। काकीनाडा से 9 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गांव पहुंची है। इसके अलावा विजयवाड़ा, राजामहेंद्रवरम और काकीनाडा से तीन अन्य मेडिकल टीमें भी भेजी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मामले की व्यापक जांच के भी आदेश दिए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बच्ची की मौत सीधे क्लोरोक्वीन के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।