August 21, 2026

ढाई साल के बच्चे को मोबाइल दिखाने पर विवाद, परिजनों ने की शिकायत

Faridabad/Alive News: सेक्टर-2 स्थित टेनी टॉट्स प्ले स्कूल में ढाई साल के बच्चे को पढ़ाई के बजाय मोबाइल दिखाने का मामला सामने आया है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्चे को करीब आधे घंटे तक मोबाइल दिया गया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद इसकी शिकायत अग्रसेन चौकी में की। हालांकि बाद में स्कूल प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता होने के बाद शिकायत वापस ले ली गई।

परिजनों के अनुसार उन्होंने करीब दो सप्ताह पहले अपने ढाई साल के बेटे का स्कूल में दाखिला कराया था। गुरुवार को बच्चे ने घर आकर बताया कि टीचर ने उसे पीटा और मोबाइल दिखाया। परिजनों का कहना है कि बच्चे के साथ मारपीट का आरोप भी गंभीर है, लेकिन स्कूल की नीति के अनुसार इतनी कम उम्र के बच्चे को मोबाइल देना भी उचित नहीं है। जब उन्होंने टीचर से इस बारे में पूछा तो उन्होंने करीब दो मिनट तक मोबाइल दिखाने की बात कही। इसके बाद परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें उनके अनुसार बच्चा करीब आधे घंटे तक मोबाइल देखता दिखाई दिया।

 उन्होंने कहा कि बच्चे को स्कूल पढ़ाई और सीखने के लिए भेजा है, न कि मोबाइल या केवल सोशल एक्टिविटी के लिए। 

टीचर ने कहा- बच्चा खाना नहीं खा रहा था

स्कूल की टीचर संगीता अरोड़ा ने बच्चे को पीटने या प्रताड़ित करने के आरोप से इनकार किया। उन्होंने बताया कि बच्चा उनकी गोद में था और खाना नहीं खा रहा था। उसने लंच बॉक्स की टेबल भी फेंक दी थी। इसी दौरान उनके फोन पर कॉल आई और बच्चे ने फोन उठा लिया। टीचर के अनुसार बच्चे को पहले से मोबाइल पर वीडियो देखने की आदत थी और उसने खुद स्क्रीन पर वीडियो चला लिया। बच्चा खाना खाने लगा, इसलिए उन्होंने उसे थोड़ी देर मोबाइल देखने दिया। टीचर ने यह भी कहा कि अगर वह कुछ गलत कर रही होतीं तो खुद परिजनों को सीसीटीवी फुटेज देखने की अनुमति नहीं देतीं।

प्रिंसिपल ने भी मारपीट से किया इनकार

स्कूल की प्रिंसिपल कीर्ति खेरा ने बताया कि स्कूल करीब चार-पांच साल से चल रहा है और इससे पहले इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली। उनके अनुसार बच्चे का दाखिला करीब एक सप्ताह पहले हुआ था और शुरुआत में बच्चा स्कूल आने पर रोता था। गुरुवार को वह खाना नहीं खा रहा था। टीचर के फोन पर कॉल आने के दौरान बच्चे ने फोन की स्क्रीन स्वाइप कर वीडियो चला लिया। बच्चा घर जाकर परिजनों से मारपीट और मुंह पर टेप लगाने जैसी बातें बताने लगा। इसके बाद परिजनों ने स्कूल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज देखी। फुटेज में मारपीट नहीं मिलने पर उन्होंने बच्चे को मोबाइल दिखाने का मुद्दा उठाया।

फिलहाल दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और परिजनों ने अग्रसेन चौकी में दी गई शिकायत वापस ले ली है। मामले में किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।