Faridabad/Alive News: हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तिगांव, फरीदाबाद स्थित एक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों और 5 से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थ व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक क्षमता, सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डालते हैं।
डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों को समझाया कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव, गलत संगति या दिखावे के कारण होती है। कई युवा इसे मनोरंजन या शौक समझकर शुरू करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत उनके जीवन को प्रभावित करने लगती है। उन्होंने कहा कि नशे से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है कि इसकी शुरुआत ही न की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल प्रतिबंधित मादक पदार्थ ही नुकसानदायक नहीं हैं, बल्कि तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हैं। युवाओं में बढ़ते हुक्का सेवन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हुक्का किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं है। इसे मनोरंजन या परंपरा के नाम पर अपनाना युवाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि नशे की आदत से शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और मानसिक एकाग्रता कम हो जाती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, रोजगार और भविष्य पर पड़ सकता है। नशा व्यक्ति को परिवार और समाज से दूर करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी कमजोर कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सेवा और रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। भावनात्मक संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “नशा होता अच्छा तो माँ कहती खा ले मेरे बच्चा।” उन्होंने कहा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को नशे की गिरफ्त में नहीं देखना चाहते। इसलिए युवाओं को अपने माता-पिता की उम्मीदों और अपने भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए नशे से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने की अपील की।
डॉ. वर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 90508-91508 अथवा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के लोगों को भी नशामुक्ति का संदेश देने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने युवाओं को नशे से बचाने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

