Faridabad/Alive News: फरीदाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना बल्लभगढ़ और साइबर थाना एनआईटी की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन टास्क, फर्जी निवेश और शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पहला मामला साइबर थाना बल्लभगढ़ का है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 20 दिसंबर 2025 को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर आया। ठगों ने ऑनलाइन टास्क पूरा करने और निवेश पर अधिक मुनाफा देने का लालच दिया। शुरुआत में छोटी रकम वापस मिलने से उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर लगातार निवेश करवाया गया। 30 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹25,80,728 ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगों ने संपर्क बंद कर दिया।
जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने राजस्थान के कोटपुतली जिले के गांव नौरंगपुर निवासी हरिश चंद्र को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी के ₹2.10 लाख जमा हुए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दूसरा मामला साइबर थाना एनआईटी का है। ग्रीन फील्ड कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को Mew Wealth Private Limited का प्रतिनिधि बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में निवेश के नाम पर ₹9,66,000 जमा करवा लिए गए।
इस मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने राहुल, सचिन कुमार और लालबाबू को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल और लालबाबू ने संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर सचिन को दिया था, जिसने वह खाता साइबर ठगों तक पहुंचाया। इस खाते में साइबर ठगी के ₹2 लाख जमा हुए थे। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पार्ट-टाइम जॉब, शेयर मार्केट में भारी मुनाफे या ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले अनजान कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।

