Faridabad/Alive News: फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना बल्लभगढ़ ने CISF कैंटीन का कर्मचारी बनकर एक व्यवसायी से 2.53 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि तीन आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-70 आईएमटी निवासी एक व्यवसायी ने शिकायत दी थी कि 22 जून 2026 को उसे एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को CISF कैंटीन के खरीद विभाग का कर्मचारी बताते हुए टैबलेट चार्जिंग कैबिनेट खरीदने की बात कही और कंपनी से कोटेशन मंगवाया। इसके बाद व्यवसायी को एक फर्जी परचेज ऑर्डर भेजकर सामान तैयार करने के लिए कहा गया।
कुछ समय बाद दूसरे व्यक्ति ने खुद को विभाग का अकाउंटेंट बताते हुए कहा कि काम शुरू करने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उसने झांसा दिया कि पहले ऑर्डर की राशि अलग-अलग बैंक खातों में जमा करनी होगी, जिसे बाद में वापस कर दिया जाएगा। ठगों की बातों में आकर व्यवसायी ने 2,53,459 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जब व्यवसायी सामान लेकर बताए गए पते पर पहुंचा, तब पता चला कि CISF कैंटीन की ओर से ऐसा कोई ऑर्डर जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सभी आरोपी लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और ठगी के लिए बैंक खाते, सिम कार्ड तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, ठगी की 1.90 लाख की राशि जिस बैंक खाते में आई थी, उससे जुड़ी सिम भी गिरोह के एक सदस्य के नाम पर पंजीकृत थी।
पुलिस ने दो आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि तीन आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

