July 9, 2026

70 प्रतिशत स्थायी स्टाफ की तैनाती के बाद भी कम यात्री, चार्जिंग स्टेशन और बस शेल्टर की कमी बनी चुनौती

Noida/Alive News: शहर में करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई इलेक्ट्रिक बस सेवा को अभी तक यात्रियों का अपेक्षित साथ नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि करीब 70 प्रतिशत स्थायी चालक और परिचालक की तैनाती होने के बावजूद अधिकांश बसें खाली दौड़ रही हैं। सेक्टर-37 से हर कुछ मिनट में बसें उपलब्ध होने के बावजूद यात्रियों की संख्या बेहद कम है। चालकों का कहना है कि लोगों में बस सेवा की जानकारी का अभाव, ऑटो चालकों का दबाव, चार्जिंग व्यवस्था और बस शेल्टर की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
हाल ही में नियुक्त एक स्थायी चालक ने बताया कि ट्रेनिंग पूरी कर कुछ दिन पहले ही ड्यूटी शुरू की है, लेकिन बसों में भीड़ नहीं होने से निराशा होती है। उन्होंने बताया कि सुबह सेक्टर-90 से बस चार्ज कर निकलते हैं और प्रत्येक स्टॉप पर बस रोकते हैं, फिर भी एक फेरे में मुश्किल से 10 यात्री मिलते हैं। एक चक्कर पूरा होने से पहले ही बस की बैटरी कम हो जाती है, जिसके बाद चार्जिंग के लिए मोरना रोडवेज डिपो जाना पड़ता है। वहां केवल पांच चार्जिंग प्वाइंट हैं, जिन पर पहले से बसें लगी रहती हैं। ऐसे में चार्जिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
कई चालकों ने कहा कि यह ई-बस सेवा शुरू होने के बाद से ही यात्रियों की संख्या कम है क्योंकि अधिकांश लोगों को अभी तक इन बसों की जानकारी ही नहीं है। जब वे यात्रियों को ऑटो छोड़कर बस से चलने के लिए कहते हैं तो कई बार ऑटो चालक विरोध करने लगते हैं और धमकी भी देते है। साथ ही

 सेक्टर-90 से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रूट पर पर्याप्त बस शेल्टर भी नहीं हैं। जहां शेल्टर बने हैं, वहां भी ई-बसों का रूट, समय-सारिणी और किराये की जानकारी प्रदर्शित नहीं है। ऐसे में लोग बस का इंतजार करने की बजाय ऑटो को प्राथमिकता देते हैं।
यात्री शिव ने बताया कि उन्हें ई-बस सेवा की जानकारी नहीं थी। यदि पहले पता होता तो सेक्टर-37 से चार मूर्ति तक ऑटो पर 50 रुपये खर्च करने के बजाय ई-बस से कम किराये में सफर करते।
वहीं नोएडा निवासी दिनेश ने बताया कि वे रोज चार मूर्ति आते-जाते हैं और बसों को देखते थे, लेकिन उन्हें लगता था कि इनका किराया अधिक होगा। बस चालक से जानकारी मिलने पर पता चला कि सेक्टर-37 से

 चार मूर्तितक का किराया मात्र 30 रुपये है। उनका कहना है कि कम किराये के साथ आरामदायक सफर मिलने पर लोग निश्चित रूप से ई-बस को प्राथमिकता देंगे, बशर्ते उन्हें इसकी सही जानकारी मिले।

परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में ई-बस के विभिन्न रूटों पर कुल 105 स्टॉपेज हैं, जिनमें से केवल 20 स्थानों पर ही बस शेल्टर उपलब्ध हैं। रूट नंबर-1 बॉटेनिकल गार्डन से एक मूर्ति तक कुल 16 स्टॉपेज हैं। इनमें केवल तीन बस स्टेशन बने हुए हैं, जबकि 13 नए बस शेल्टर बनाए जाने है। रूट नंबर-2 बॉटेनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट तक कुल 38 स्टॉपेज हैं। इनमें दस स्थानों पर बस स्टेशन मौजूद हैं, जबकि 28 नए शेल्टर बनाए जाने की आवश्यकता बताई गई है। रूट नंबर-3 बॉटेनिकल गार्डन से सूरजपुर तक कुल 32 स्टॉपेज हैं। इनमें केवल तीन बस स्टेशन हैं और 29 नए शेल्टर बनाए जाने की आवश्यकता है। वहीं रूट नंबर-4 पर कुल 19 स्टॉपेज हैं, जिनमें से चार स्थानों पर बस स्टेशन बने हुए हैं। शेष 15 स्टॉपेज पर यात्रियों की सुविधा के लिए नए बस शेल्टर बनाने है।