July 7, 2026

महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 लोगों की मौत, कई इलाके बाढ़ से प्रभावित, पहाड़ी क्षेत्रों में रेड अलर्ट

महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद मुंबई और अन्य जिलों में जलभराव, बाढ़ और राहत कार्य का दृश्य।

Mumbai/Alive News: महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर मुंबई, रायगढ़, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर और लोनावला समेत कई जिलों में देखने को मिला है। तेज बारिश, बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं के कारण अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं।

मुंबई में कई इलाकों में जलभराव होने से सड़कें पानी में डूब गई हैं और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। खराब मौसम को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट और कई पहाड़ी इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, बारिश के कारण करीब 100 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लोनावला में पिछले 48 घंटों के दौरान 625 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रायगढ़, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर और मुंबई में भी भारी बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के चलते उल्हास, कालू, पिंजल, अंबा, सावित्री, कुंडलिका, पातालगंगा और जगबुडी जैसी कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके चलते बदलापुर, मोहाने और जांभुलपाड़ा जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

सोमवार को कई दर्दनाक हादसे भी सामने आए। मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक इमारत झुग्गी बस्ती पर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। मुंबई के उपनगरीय इलाके में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। ठाणे में इमारत का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हुए। पालघर और सिंधुदुर्ग में डूबने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि सिंधुदुर्ग में तेज हवाओं के कारण 30 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। सतारा जिले में भूस्खलन की घटना में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए हैं।

भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए माथेरान, लोनावला, खोपोली और लोहागढ़ जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो टीमें तैनात की गई हैं।

पुणे जिले की मावल तहसील के पाटन गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान प्रभावित हुआ, जिसमें चार लोग फंस गए। वहीं, तलेगांव-दाभाड़े के पास बाढ़ के पानी में फंसी 25 यात्रियों से भरी बस को एनडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रायगढ़ जिले की सुधागढ़ तहसील में बाढ़ का पानी बढ़ने से एक ही परिवार के छह सदस्य, जिनमें छह महीने का एक शिशु भी शामिल था, घर की छत पर फंस गए थे। राहत दल ने नाव के जरिए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुंबई-गोवा हाईवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और खोपोली हाईवे पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने बाद में रास्ते साफ कर यातायात बहाल किया। वहीं, विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।