Karnataka/Alive News: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने फिलहाल सरकारी मुख्यमंत्री आवास ‘अनुग्रह‘ में रहने के बजाय बेंगलुरु स्थित 160 साल पुरानी हेरिटेज इमारत ‘कुमारकृपा‘ को अपना आधिकारिक निवास बनाने का फैसला किया है। फिलहाल इस इमारत में उनकी जरूरतों के अनुसार रेनोवेशन का काम चल रहा है, जिसके पूरा होने में करीब तीन महीने लग सकते हैं।
‘कुमारकृपा’ का इस्तेमाल अब तक सरकारी गेस्ट हाउस के रूप में किया जाता रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से यहां सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से जुड़े बदलाव किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री वास्तु और ज्योतिष में विश्वास रखते हैं, इसलिए इमारत में कुछ बदलाव वास्तु के अनुरूप भी कराए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि रेनोवेशन पूरा होने के बाद वह दशहरे के आसपास यहां शिफ्ट हो सकते हैं।
सरकारी आवास ‘अनुग्रह‘ को लेकर लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। वर्षों से यह धारणा बनी हुई है कि यहां रहने वाले कई मुख्यमंत्रियों को अपने कार्यकाल के दौरान राजनीतिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक या तथ्यात्मक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद कई पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इस आवास में रहने से परहेज किया, जिससे इस धारणा को और बल मिला।
इसी बीच जनता दल (सेक्युलर) ने ‘कुमारकृपा’ में हो रहे रेनोवेशन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि 160 साल पुरानी हेरिटेज इमारत में निजी सुविधा के लिए बदलाव करना उसकी ऐतिहासिक पहचान के साथ समझौता है। जेडीएस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह इमारत महात्मा गांधी के प्रवास और दीवान के. शेषाद्रि अय्यर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी हुई है, इसलिए इसमें बड़े बदलाव नहीं किए जाने चाहिए।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से रेनोवेशन का काम जारी है। मुख्यमंत्री कब तक ‘कुमारकृपा’ में शिफ्ट होंगे, इसका अंतिम फैसला निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लिया जाएगा।

