June 23, 2026

लखनऊ अग्निकांड ने खोली तैयारी की पोल, CM योगी के स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप की जरूरत हुई और महसूस

लखनऊ के अलीगंज में इमारत में लगी जानलेवा आग, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई, के बाद फायरफाइटर बचाव अभियान चला रहे हैं।

15 युवाओं की दर्दनाक मौत के बाद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, त्वरित बचाव के लिए SRG गठन की प्रक्रिया तेज

Lucknow/Alive News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोचिंग सेंटर और गेमिंग जोन संचालित करने वाली एक इमारत में लगी आग में 15 युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भवन में फंसे लोगों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जिससे जनहानि बढ़ गई।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप (SRG) के गठन की योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि यह व्यवस्था अभी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी थी, लेकिन अलीगंज हादसे ने इसकी आवश्यकता को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है।

240 प्रशिक्षित कर्मियों की होगी विशेष टीम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जून को अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि राज्य के प्रमुख जिलों में विशेष बचाव दल गठित किए जाएं। पहले चरण में 10 जिलों में SRG बनाने की तैयारी है।

इन विशेष दलों में शामिल 240 कर्मियों को NDRF, BSF, ITBP, CISF और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों में आधुनिक आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनका उद्देश्य केवल आग बुझाना नहीं बल्कि संकटग्रस्त लोगों को तेजी से सुरक्षित निकालना भी होगा।

बचाव में देरी बनी बड़ी वजह
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसे के दौरान दमकल कर्मियों को भवन के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने में काफी कठिनाई हुई। आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की कमी के कारण कर्मियों को हथौड़ों से दीवार तोड़नी पड़ी, जिससे बचाव कार्य में बहुमूल्य समय नष्ट हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौके पर हाई-टेक रेस्क्यू उपकरण और प्रशिक्षित बचाव दल उपलब्ध होता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बहुमंजिला इमारतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नियमित फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दे चुके हैं।

उन्होंने अस्पतालों, स्कूलों, होटलों, कार्यालयों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों में अग्नि सुरक्षा उपायों की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया है।

दम घुटने से भी जाती हैं जानें
विशेषज्ञ बताते हैं कि आग लगने की घटनाओं में अधिकांश मौतें केवल जलने से नहीं बल्कि धुएं और जहरीली गैसों के कारण दम घुटने से होती हैं। ऐसे में त्वरित निकासी और पेशेवर रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

SRG से बढ़ेंगी बचाव की संभावनाएं
अलीगंज अग्निकांड ने स्पष्ट कर दिया है कि पारंपरिक अग्निशमन व्यवस्था के साथ-साथ विशेष प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित SRG भविष्य में ऐसी घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया देकर जनहानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।