June 23, 2026

लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, क्या अब फरीदाबाद में भी होगी सख्ती?

लखनऊ में फायर सेफ्टी जांच के दौरान कोचिंग सेंटर मानक पुरे नहीं करने वले भवन को सील करते अधिकारी।

15 छात्रों की मौत ने जगाई चिंता, फायर सेफ्टी और बिल्डिंग मानकों पर उठे सवाल

Faridabad/Lucknow/Alive News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासनिक तंत्र हरकत में आ गया है। हादसे के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहरभर में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच शुरू करते हुए कई संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

लखनऊ में जिस भवन में आग लगी, वहां कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आग और धुएं के बीच कई छात्र फंस गए, जिनमें अधिकांश की मौत दम घुटने से हुई। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

कानपुर में 16 कोचिंग सेंटर सील, 22 और रडार पर
लखनऊ हादसे के अगले ही दिन कानपुर विकास प्राधिकरण ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। वहीं 22 अन्य संस्थानों को भी जांच के दायरे में लिया गया है, जिन पर आगे कार्रवाई हो सकती है।

प्रशासन का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), पार्किंग, भवन स्वीकृति और सुरक्षा मानकों की कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

फरीदाबाद में कितने सुरक्षित हैं कोचिंग सेंटर?
फरीदाबाद में एनआईटी, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-17, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्रों में सैकड़ों कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थान बहुमंजिला इमारतों, मार्केट कॉम्प्लेक्स और संकरी गलियों में संचालित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईमानदारी से फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए तो कई संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिलेगी, पर्याप्त आपातकालीन निकास नहीं होगी, अग्निशमन यंत्रों की कमी मिलेगी, अवैध या बिना स्वीकृति के निर्माण, पार्किंग और निकासी मार्गों पर अतिक्रमण मिलेगा और छात्रों की संख्या के अनुपात में सुरक्षा इंतजामों की कमी होगी।

क्या फरीदाबाद में भी चल सकता है अभियान?
हालांकि अभी तक फरीदाबाद प्रशासन की ओर से कोई विशेष अभियान घोषित नहीं किया गया है, लेकिन लखनऊ हादसे और कानपुर की कार्रवाई के बाद हरियाणा के शहरों में भी कोचिंग संस्थानों, निजी स्कूलों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा जांच तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

शहरी योजनाकारों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में समय रहते फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।

क्या है विशेषज्ञों की राय
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी कोचिंग संस्थान में फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और नियमित मॉक ड्रिल अनिवार्य होनी चाहिए। केवल कागजी अनुमति पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं का धरातल पर मौजूद होना भी जरूरी है।

प्रशासन के लिए बड़ा संदेश
लखनऊ की दर्दनाक घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। कानपुर में शुरू हुई कार्रवाई अब अन्य शहरों के लिए भी चेतावनी है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि फरीदाबाद में भी प्रशासन कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराएगा या किसी हादसे का इंतजार किया जाएगा?