June 16, 2026

दिल्ली-NCR का दायरा होगा छोटा? 100 किमी सीमा के प्रस्ताव पर आज फैसला, हरियाणा के 5 जिले हो सकते हैं बाहर

दिल्ली NCR 100 किलोमीटर सीमा प्रस्ताव और हरियाणा के 5 जिलों पर असर

New Delhi/Alive News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के दायरे में बड़ा बदलाव हो सकता है। दिल्ली में मंगलवार को होने वाली 42वीं NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में NCR क्षेत्र को केवल 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हरियाणा के पांच जिले NCR से बाहर हो सकते हैं।

बैठक विज्ञान भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 पर भी विचार किया जाएगा।

क्या है 100 किलोमीटर वाला प्रस्ताव?

फिलहाल NCR का दायरा दिल्ली से लगभग 150 से 175 किलोमीटर तक फैला हुआ है और इसमें कुल 24 जिले शामिल हैं। नए प्रस्ताव के तहत NCR की मुख्य सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के हवाई दायरे तक सीमित की जा सकती है।

इस सीमा के बाहर आने वाले क्षेत्रों को मुख्य NCR क्षेत्र से अलग किया जा सकता है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी और केंद्रित बनाना बताया जा रहा है।

हरियाणा के 5 जिलों पर सबसे ज्यादा असर

यदि 100 किलोमीटर की सीमा लागू होती है तो हरियाणा को सबसे अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है। वर्तमान में NCR में हरियाणा के 14 जिले शामिल हैं। नए प्रस्ताव के बाद राज्य का NCR क्षेत्र लगभग 25,327 वर्ग किलोमीटर से घटकर 10,546 वर्ग किलोमीटर रह सकता है।

ये जिले हो सकते हैं प्रभावित

करनाल: दिल्ली से लगभग 120 किलोमीटर दूर होने के कारण यह जिला NCR से बाहर हो सकता है।

महेंद्रगढ़: करीब 112 किलोमीटर की दूरी होने के चलते यह जिला भी प्रस्तावित सीमा से बाहर माना जा रहा है।

जींद: दिल्ली से 103 से 115 किलोमीटर दूर स्थित कई क्षेत्र NCR के दायरे से बाहर जा सकते हैं।

पानीपत: पानीपत की दूरी 88 से 95 किलोमीटर के बीच है। शहर का कुछ हिस्सा NCR में रह सकता है, लेकिन जिले का बड़ा भाग सीमा से बाहर हो सकता है।

भिवानी: करीब 107 किलोमीटर दूर होने के कारण जिले की केवल कुछ नजदीकी तहसीलें ही NCR में शामिल रह सकती हैं।

अन्य राज्यों का रुख अलग

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ जिलों ने इस मामले में लचीला रुख अपनाया है। उनका सुझाव है कि यदि किसी जिले या तहसील का कोई हिस्सा 100 किलोमीटर के दायरे में आता है तो उसे NCR में शामिल रखा जाना चाहिए।

वहीं हरियाणा सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि केवल वही तहसीलें NCR में रहें जो पूरी तरह 100 किलोमीटर की सीमा के अंदर आती हों।

बैठक के फैसले पर टिकी नजरें

42वीं NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में क्षेत्रीय विकास, बुनियादी ढांचे और भविष्य की शहरी योजनाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। NCR की नई सीमा को लेकर होने वाला निर्णय लाखों लोगों, निवेश परियोजनाओं और विकास योजनाओं पर सीधा असर डाल सकता है।