June 6, 2026

महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, ड्राइविंग लाइसेंस में बढ़ी भागीदारी

Gungun Sharma/Alive News

Noida: शहर में महिलाओं के बीच ड्राइविंग सीखने और लाइसेंस बनवाने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में रोशनी ने ड्राइविंग टेस्ट पास कर अपना लाइसेंस प्राप्त किया, जिससे वह बेहद खुश हैं। पहले लाइसेंस न होने के कारण वह अपनी कार से ऑफिस नहीं जा पाती थीं, लेकिन अब वह खुद कार चलाकर आसानी से अपने ऑफिस तक जा सकती हैं। रोशनी की तरह ही कई अन्य महिलाएं भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

देश-विदेश में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और ड्राइविंग भी इससे अछूती नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, बीते एक साल में कुल 5,405 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए, जिनमें 3,899 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 16,405 पुरुषों ने भी लाइसेंस बनवाए हैं।

नोएडा सेक्टर-33 स्थित आरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 80 से 100 लोग लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचते हैं, जिनमें करीब 20 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। लर्निंग लाइसेंस की बात करें तो रोजाना 100 से 120 लाइसेंस जारी किए जाते हैं, जिनमें भी महिलाओं की भागीदारी लगभग 20 प्रतिशत है।

क्यों जरूरी है ड्राइविंग

जानकारों का मानना है कि वर्तमान समय में महिलाओं के लिए ड्राइविंग एक आवश्यक कौशल बन गया है, खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए। यह न केवल उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाता है, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। महिलाएं अब अपनी सुविधा और समय के अनुसार कहीं भी आ-जा सकती हैं। बदलते सामाजिक परिवेश में ड्राइविंग महिलाओं के लिए स्वतंत्रता और सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है।