June 6, 2026

ईडी द्वारा अटैच संपत्ति पर निर्माण और बिक्री जारी, सेक्टर-55 में उठे गंभीर सवाल

Faridabad/Alive News: सेक्टर-55 की रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाया है। काउंसिल का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की गई संपत्ति पर अभी भी निर्माण कार्य और फ्लैट्स की बिक्री जारी है, जिससे नियमों के उल्लंघन की आशंका पैदा हो रही है।

काउंसिल के अनुसार, यह मामला Amrapali ग्रुप से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले से संबंधित है। ED की जांच में सामने आया था कि करीब 837 करोड़ रुपये की राशि होमबायर्स से लेकर विभिन्न माध्यमों से डायवर्ट की गई। इसी के आधार पर 3 जनवरी 2026 को PMLA, 2002 के तहत कुछ संपत्तियों को “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” मानते हुए अटैच किया गया।

जांच के दौरान Maurya Udyog Ltd और उससे जुड़ी कंपनियों का नाम भी सामने आया। आरोप है कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति के नाम पर फर्जी भुगतान किए गए और वित्तीय लेन-देन के जरिए धन का दुरुपयोग हुआ।

फरीदाबाद के सेक्टर-55, सोहना रोड स्थित Maurya Udyog Ltd की लगभग 96.74 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और बिल्डिंग भी इसी कार्रवाई में अटैच की गई थी। हालांकि, काउंसिल का दावा है कि इसी जमीन पर “Gokulam by Sarvome” नाम से एक आवासीय परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है और वहां फ्लैट्स व बिल्डर फ्लोर करोड़ों रुपये में बेचे जा रहे हैं।

काउंसिल ने इस परियोजना को Deen Dayal Jan Awas Yojana (DDJAY) के तहत बताया जाना भी सवालों के घेरे में रखा है। उनका कहना है कि इस योजना का उद्देश्य किफायती आवास उपलब्ध कराना है, जबकि इस परियोजना में ऊंची कीमतों पर संपत्तियों की बिक्री की जा रही है।

स्थानीय निवासियों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र की सीवरेज और पानी की व्यवस्था पहले से ही सीमित क्षमता पर काम कर रही है। ऐसे में बड़े प्रोजेक्ट के जुड़ने से बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने इस मामले को जिला नगर योजनाकार (DTP) फरीदाबाद सहित संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया है और कार्रवाई की मांग की है।

काउंसिल ने मांग की है कि अटैच संपत्ति पर चल रही गतिविधियों की तुरंत जांच हो, प्रोजेक्ट की बिक्री और लेन-देन पर रोक लगाई जाए, पहले से हुई बिक्री की कानूनी जांच की जाए, दोषी व्यक्तियों और कंपनियों पर कार्रवाई हो तथा आम जनता को सचेत करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी किया जाए।

काउंसिल का कहना है कि यह मुद्दा पूरी तरह से जनहित से जुड़ा हुआ है और वे इसे प्रशासनिक व कानूनी स्तर पर आगे भी उठाते रहेंगे।

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