March 7, 2026

आखिर क्या है विश्व कुष्ठरोग उन्मूलन दिवस का उद्देश्य जानिए

Faridabad/Alive News: आज देशभर में विश्व कुष्ठरोग उन्मूलन दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य कुष्ठरोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, इस बीमारी के उन्मूलन के प्रयासों को गति देना तथा कुष्ठरोग से पीड़ित लोगों के साथ होने वाले सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सामाजिक उपेक्षा और भेदभाव के कारण कुष्ठरोग से पीड़ित कई लोग मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। हालांकि समय पर उपचार से इस रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। कुष्ठरोग के इलाज के लिए मल्टी-ड्रग थेरेपी (एमडीटी) अपनाई जाती है, जिसके तहत रोगी को 6 माह से एक वर्ष तक नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करना पड़ता है।

विश्व स्तर पर विश्व कुष्ठरोग दिवस प्रत्येक वर्ष जनवरी माह के अंतिम रविवार को मनाया जाता है, जबकि भारत में इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी को मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने कुष्ठरोग से पीड़ित लोगों की सेवा, देखभाल और उनके सामाजिक पुनर्वास के लिए विशेष प्रयास किए थे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1953 में फ्रांसीसी मानवतावादी राउल फोलेरो ने कुष्ठरोग के प्रति वैश्विक जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विश्व कुष्ठरोग उन्मूलन दिवस की शुरुआत की थी। भारत में यह दिवस महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ कुष्ठरोग मुक्त समाज के संकल्प को दोहराने का प्रतीक माना जाता है।