Faridabad/Alive News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईएसआई अस्पतालों में इलाज की सुविधा केवल कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकृत बीमित व्यक्तियों और ईएसआईसी के नियमित स्थायी कर्मचारियों को ही दी जाती है। ये सभी कर्मचारी अपने वेतन से नियमानुसार ईएसआई का अंशदान करते हैं।
प्रशासन ने बताया कि संविदा पर कार्यरत सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, बॉन्ड पर पीजी रेजिडेंट और बॉन्ड पर जूनियर रेजिडेंट ईएसआई चिकित्सा सुविधाओं के पात्र नहीं हैं। ईएसआईसी अस्पताल श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन आते हैं और इनका संचालन पूरी तरह नियोक्ता व कर्मचारी के अंशदान से होता है। प्रत्येक बीमित व्यक्ति को 10 अंकों का एक अलग बीमा नंबर दिया जाता है।
अस्पताल प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अपात्र लोगों ने फर्जी ईएसआई कार्ड के जरिए इलाज कराने की कोशिश की। इन मामलों में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं, दवाइयां और लैब जांच कराई गईं। एक बीमित व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके ईएसआई कार्ड का 3 नवंबर 2025 और 17 दिसंबर 2025 को बिना जानकारी के इस्तेमाल किया गया। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस में दो शिकायतें दर्ज कराई हैं।
भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मरीजों के पंजीकरण, जांच, पर्ची और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी और सख्त कर दी गई है। इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 को यह भी सामने आया कि एक पीजी छात्र ने बिना जांच और बीमारी की पुष्टि के, दूसरे पीजी छात्र के लिए करीब दो महीने की दवाइयों की पर्ची जारी कर दी, जो नियमों के खिलाफ है।
5 जनवरी 2026 को कुछ सीनियर रेजिडेंट और बॉन्ड पर कार्यरत जूनियर रेजिडेंट्स ने चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल की, जिससे कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीजों की देखभाल को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-एनसीआर के अन्य ईएसआईसी अस्पतालों से अस्थायी रूप से डॉक्टरों की तैनाती की गई।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि वह बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का समाधान निकालने और जल्द से जल्द चिकित्सा सेवाएं सामान्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने दोहराया कि मरीजों का हित सर्वोपरि है और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद ईएसआई अधिनियम 1948 के नियमों का पूरी सख्ती से पालन करता रहेगा।

