August 22, 2026

नोएडा में 15 मॉडल रोड बनाने की तैयारी, तय होगी ऑटो-रेहड़ी की जगह

Noida/Alive News: शहर में यातायात जाम की समस्या कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए नोएडा प्राधिकरण 15 मॉडल रोड विकसित करेगा। इसके लिए विभिन्न वर्क सर्किल में सबसे व्यस्त सड़कों को चिह्नित किया गया है।

इन सड़कों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के साथ सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग को नियंत्रित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे यातायात का दबाव कम करने के साथ धूल की समस्या को भी कम करने की उम्मीद है।

रेहड़ी-पटरी और ऑटो-टेंपो के लिए तय होंगे स्थान

मॉडल रोड की योजना में सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्था को दूर करने पर खास जोर दिया गया है। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इसी तरह ऑटो और टेंपो के लिए भी अलग स्थान बनाए जाएंगे।

इससे मुख्य सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों और सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या कम होगी और यातायात को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।

पैदल यात्रियों के लिए भी होंगी सुविधाएं

मॉडल रोड को केवल वाहनों के आवागमन के लिहाज से विकसित नहीं किया जाएगा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा। ग्रीन बेल्ट में बैठने की व्यवस्था के साथ मोबाइल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

दोनों तरफ बनेगा डस्ट फ्री जोन

प्राधिकरण के महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह ने बताया कि मॉडल रोड के दोनों तरफ डस्ट फ्री जोन विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क किनारे धूल उड़ने की समस्या को कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। मॉडल रोड का डिजाइन तैयार किया जा चुका है।

जाम के साथ धूल की समस्या भी होगी कम

प्राधिकरण के अनुसार सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग, रेहड़ी-पटरी और ऑटो-टेंपो खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। मॉडल रोड पर इन सभी के लिए निर्धारित स्थान बनने से मुख्य सड़क पर अव्यवस्था कम होगी और यातायात सुचारु होगा।

वहीं, डस्ट फ्री जोन विकसित होने से सड़क किनारे धूल उड़ने की समस्या कम होने और वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

प्राधिकरण की यह पहल शहर के यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। मॉडल रोड के विकास से यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ वायु गुणवत्ता में सुधार में भी मदद मिलने की उम्मीद है।