Sonipat/Alive News: हरियाणा के सोनीपत जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दी जाने वाली प्रोटीन मिल्क बार चॉकलेट में कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। चॉकलेट के पैकेट पर 25 अप्रैल की एक्सपायरी डेट लिखी है, जबकि इसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट जनवरी 2026 है।
यह मामला सामने आने के बाद चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) ने तुरंत सभी आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि जिन घरों में ये चॉकलेट बांटी गई हैं, वहां जाकर पैकेट की जांच की जाए।
घर में भेजी गई थीं 10-12 चॉकलेट
खरखौदा के सैदपुर गांव के निवासी सुमित ने बताया कि उनकी पत्नी स्वीटी 8 महीने की गर्भवती हैं और उनकी 8 साल की बेटी भी है। आंगनवाड़ी केंद्र की ओर से उनके घर 10 से 12 प्रोटीन मिल्क बार चॉकलेट भेजी गई थीं।
सभी चॉकलेट में निकले कीड़े
सुमित के अनुसार, 12 अप्रैल की शाम उनकी बेटी चॉकलेट खा रही थी, तभी उसमें कीड़ा दिखाई दिया। इसके बाद जब बाकी चॉकलेट खोली गईं, तो उनमें भी कीड़े मिले। परिवार ने सभी खराब चॉकलेट फेंक दीं।
अभी तक नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
सुमित ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई अधिकारी या कर्मचारी उनके घर नहीं आया है। उन्होंने शक जताया कि चॉकलेट पुरानी हो सकती हैं या उनके पैकेट पर तारीख बदली गई हो। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
137 बॉक्स की हुई थी सप्लाई
CDPO नीलम ने बताया कि ये चॉकलेट टेंडर के जरिए मंगाई गई थीं। 9 मार्च को खरखौदा ब्लॉक में 137 बॉक्स सप्लाई किए गए थे। एक बॉक्स में 576 चॉकलेट होती हैं, यानी कुल करीब 78,912 चॉकलेट वितरित की गई थीं।
जांच के लिए दिए गए निर्देश
CDPO ने कहा कि सभी सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राशन लेने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करें। अगर किसी प्रोडक्ट में खराबी मिलती है, तो 3 दिन के अंदर विभाग को सूचना देना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद चॉकलेट बांट दी गईं। अब सुपरवाइजरों को घर-घर जाकर जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, ज्यादातर चॉकलेट पहले ही इस्तेमाल हो चुकी हैं और अब स्टॉक बहुत कम बचा है।

