June 12, 2026

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की क्या है पूजा विधि

Faridabad/Alive News: नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना गया है। मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिन मां भगवती की पूजा अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। नवरात्रि में माता के भक्त उनकी कृपा पाने के लिए विविध पूजा अर्चना करने के साथ उपवास भी रखते हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन माता के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। जो तपस्या और वैराग्य का प्रतीक है। ब्रह्मचारिणी को ज्ञान और तप की देवी भी कहा जाता है। भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मां पार्वती ने कठोर तप किया तो वह ब्रह्मचारिणी या तपश्चरिणी कहलाई।

मां ब्रह्मचारिणी की पहचान
मां ब्रह्मचारिणी सफेद साड़ी धारण करती है साथ ही उनके दाएं हाथ में माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। वह शांत स्वरूप की है।

शास्त्रों में वर्णित
शास्त्रों की माने तो मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को व्याधि रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही यम, नियम के बांधने से भी मुक्ति मिलती है।

क्या है शुभ रंग
मां ब्रह्मचारिणी को सफेद रंग बहुत प्रिय है इसलिए नवरात्रि के दूसरे दिन भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए सफेद रंग के पुष्प अर्पित करते है।

क्या है प्रिय भोग
मां ब्रह्मचारिणी को सफेद चीजों का जैसे खीर, बर्फी, और पंचामृत का भोग लगाया जाता है।

क्या ही पूजा विधि
सबसे पहली अपने मंदिर में दीप प्रज्वलित कर मां दुर्गा का अभिषेक करने के बाद उनकी आराधना करे। मां को अक्षत, सिंदूर, और सफेद पुष्प अर्पित करे। प्रसाद के रूप में फल और सफेद मिठाई का ही भोग लगाये। धूप और दीप जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करे और फिर मां की आरती करे।