June 7, 2026

दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर VHP का प्रदर्शन, हिंदू युवक की हत्या पर विरोध; बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया

Delhi/Alive News: बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र की हत्या के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। VHP कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

बताया गया है कि 18 दिसंबर की रात बांग्लादेश में दीपू चंद्र की हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में दावा किया गया कि दीपू ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट की थी, लेकिन शुरुआती जांच में इस तरह का कोई सबूत नहीं मिला है। इसके बाद इस मामले को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ गया है।

भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया गया
इस बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया है। यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार है जब भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया गया है। बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत और मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र की मॉब लिंचिंग के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ गई है।

राजनयिक मिशनों की सुरक्षा पर जताई चिंता
बांग्लादेश ने भारत में अपने राजनयिक मिशनों पर हुए हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली और सिलीगुड़ी में हुई घटनाओं के विरोध में भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया गया। बांग्लादेश ने कहा कि इस तरह की हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाएं अस्वीकार्य हैं और इससे राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।

विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार से मांग की है कि बांग्लादेश के दूतावासों, वीजा सेंटरों और संबंधित ठिकानों की सुरक्षा कड़ी की जाए। साथ ही इन घटनाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित
बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं के चलते दिल्ली और सिलीगुड़ी में अपनी वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। इनमें 22 दिसंबर 2025 को सिलीगुड़ी स्थित बांग्लादेश वीजा सेंटर में तोड़फोड़ और 20 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हुए प्रदर्शन की घटनाएं शामिल हैं।

बांग्लादेश सरकार ने उम्मीद जताई है कि भारत सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय और राजनयिक जिम्मेदारियों के तहत जल्द ठोस कदम उठाएगी, ताकि राजनयिक मिशनों और कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा बनी रहे।