August 18, 2026

ट्रम्प बोले- अमेरिका में भारत जैसा चुनावी सिस्टम हो, हर वोटर के पास हो फोटो ID

डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण देकर अमेरिका में फोटो ID की मांग की

International/Alive News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण देते हुए अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया को और सख्त करने की मांग की है। ट्रम्प ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका में मतदान के लिए वैध फोटो ID की व्यवस्था होनी चाहिए।

ट्रम्प ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस महीने की शुरुआत में ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया था कि अमेरिका में वैध फोटो ID के बिना चुनाव कैसे हो सकते हैं।

ट्रम्प ने कहा कि अब अमेरिका में ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पास करना जरूरी है। उनके मुताबिक, सख्त पहचान नियमों से चुनाव की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाई जा सकती है।

क्या है ‘सेव अमेरिका एक्ट’?

‘सेव अमेरिका एक्ट’ अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान के नियमों को सख्त करने वाला प्रस्तावित कानून है। इसके तहत मतदाता पंजीकरण के समय नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण और मतदान के दौरान फोटो ID दिखाना जरूरी किए जाने का प्रस्ताव है।

विधेयक में डाक से मतदान की प्रक्रिया को भी सीमित करने की बात कही गई है। यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है, लेकिन सीनेट से अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है।

इस कानून को लेकर अमेरिका की डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच मतभेद हैं। ट्रम्प लंबे समय से इसके समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं। उनका दावा है कि सख्त नियम चुनावी धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेंगे।

अमेरिका में फोटो ID को लेकर विवाद क्यों?

अमेरिका में मतदान के लिए फोटो ID का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। इसके समर्थकों का कहना है कि फोटो ID और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्यता चुनाव प्रक्रिया में भरोसा बढ़ा सकती है।

वहीं, विरोधियों का कहना है कि अमेरिका में गैर-नागरिकों के मतदान पर पहले से रोक है। उनका तर्क है कि बहुत सख्त दस्तावेजी नियम उन मतदाताओं के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं, जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट या अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं हैं।

बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुसार, अमेरिका में करीब 12% पंजीकृत मतदाताओं के पास आम तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजी प्रमाण नहीं हैं।

दूसरे देशों में फोटो ID के नियम अलग

दुनिया के अलग-अलग देशों में मतदान के समय पहचान पत्र को लेकर अलग-अलग नियम हैं।

ब्रिटेन में कुछ चुनावों में मतदान केंद्र पर फोटो ID दिखाना जरूरी है, जबकि स्कॉटलैंड और वेल्स के कुछ स्थानीय चुनावों में इसकी आवश्यकता नहीं होती।

कनाडा में मतदाता को अपनी पहचान और पता साबित करना होता है, लेकिन केवल फोटो ID ही अनिवार्य नहीं है। मतदाता एक फोटो ID या दो अन्य मान्य दस्तावेज पेश कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में ID नहीं होने पर दूसरा मतदाता भी उसकी पहचान की पुष्टि कर सकता है।

ट्रम्प के बयान के बाद भारत और अमेरिका की चुनाव व्यवस्था में मतदाता पहचान और मतदान प्रक्रिया को लेकर तुलना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।