June 6, 2026

जिला में 30 अप्रैल तक जारी रहेगी स्व-गणना प्रक्रिया, मई में होगी घर-घर सत्यापन प्रक्रिया

Faridabad/Alive News: उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि हरियाणा राज्य में स्व-गणना आगामी 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जाएगी। जिसके माध्यम से नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पश्चात 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य संपन्न किया जाएगा।

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि यह सुविधा हरियाणा के सभी जिलों में उपलब्ध रहेगी और नागरिक इसे मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर के माध्यम से कहीं से भी उपयोग कर सकेंगे। पंजीकरण के दौरान नागरिकों को मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करना होगा, डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करना होगा तथा परिवार के सभी सदस्यों, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। जानकारी जमा करने के बाद उन्हें एक यूनिक SE ID प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग बाद में गणना कर्मियों द्वारा सत्यापन के समय किया जाएगा।

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि स्व-गणना प्रपत्र में लगभग 33 प्रश्न शामिल होंगे, जिनमें परिवार के सदस्यों का विवरण, मकान का प्रकार (ग्रामीण/शहरी), पेयजल, बिजली, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक जानकारी तथा मोबाइल नंबर (अनिवार्य) शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की एक विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी और यह शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए समान रूप से लागू है। एकत्र किए गए आंकड़े जिला स्तर की योजनाओं एवं राज्य के विकास कार्यक्रमों के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर लक्ष्य निर्धारण में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में इंटरनेट एवं स्मार्टफोन के उपयोग, टीवी, रेडियो, कंप्यूटर/लैपटॉप और वाहन (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार) जैसी आधुनिक सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी शामिल की जाएगी, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी और जीवन स्तर का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा।

उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया गया है कि उनके द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी तथा इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकासात्मक उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।