June 26, 2026

इस्कॉन मंदिर फरीदाबाद में सीता नवमी धूमधाम से मनाई गई

Faridabad:
फरीदाबाद में इस्कॉन मंदिर में 25 अप्रैल 2026 को सीता नवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दिन माता सीता के जन्म दिवस को भक्तों ने पूरे भक्ति भाव से मनाया।

माता सीता भगवान श्रीराम की पत्नी और लक्ष्मी जी का अवतार मानी जाती हैं। वे मिथिला में धरती से प्रकट हुई थीं, इसलिए उन्हें भूमिजा भी कहा जाता है। उनका जीवन त्याग, सेवा और धैर्य का उदाहरण है।

मंदिर में कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से हुई। इसके बाद सुबह 8 बजे से सीता-राम की लीलाओं पर कथा और कीर्तन किया गया। सुबह 11:15 बजे भगवान सीता-राम का दूध, दही, घी, शहद और सुगंधित जल से महा-अभिषेक किया गया। दोपहर 12 बजे भोग लगाया गया और इसके बाद सभी भक्तों को प्रसाद बांटा गया। पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया था और दिनभर भजन-कीर्तन चलता रहा।

मंदिर के अध्यक्ष गोपेश्वर दास ने कहा कि माता सीता हमें सेवा, सहनशीलता और भगवान पर विश्वास रखने की सीख देती हैं। उन्होंने कहा कि सीता नवमी मनाने से हमें उनके गुणों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

इस्कॉन के संस्थापक श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के अनुसार माता सीता लक्ष्मी जी का स्वरूप हैं और भगवान राम तक पहुंचने के लिए उनकी कृपा जरूरी है। उनका जीवन सिखाता है कि हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।

इस कार्यक्रम में फरीदाबाद के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सभी ने घर-परिवार में सुख-शांति और भक्ति के लिए प्रार्थना की।