June 13, 2026

पहलगाम हमले से जुड़े पोस्ट मामले में गायिका नेहा को अंतरिम सुरक्षा

Delhi/Alive News: लोकप्रिय लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। यह आदेश उस एफआईआर के संबंध में आया है, जिसमें उन पर पीएम नरेंद्र मोदी और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विवादित पोस्ट करने का आरोप है।

न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और अतुल एस. चंदुकर की बेंच ने कहा कि इस मामले में कोई बाध्यकारी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जबकि राठौर की याचिका पर नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राठौर को 19 जनवरी को जांच अधिकारी (IO) के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है, और गैर-हाजिरी को गंभीरता से देखा जाएगा। राठौर के वकील ने कोर्ट में बताया कि उनकी मुवक्किल 3 जनवरी को पहले ही आईओ के सामने उपस्थित हो चुकी हैं, जबकि राज्य पक्ष ने सहयोग न करने का आरोप लगाया।

एफआईआर के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे, नेहा सिंह राठौर ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एंटी-इंडिया पोस्ट प्रकाशित की। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उस समय सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, और राठौर की पोस्ट से राष्ट्रीय अखंडता पर विपरीत प्रभाव और जाति आधारित अपराध भड़काने की कोशिश हुई। इससे पहले, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके एक्स पोस्ट प्रधानमंत्री के खिलाफ थे और पीएम के नाम का अपमानजनक तरीके से उपयोग किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह सार्वजनिक व्यवस्था, शील या नैतिकता के लिए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और राठौर की अंतरिम सुरक्षा आदेश के तहत गिरफ्तारी से बची हुई है, जबकि जांच अधिकारी के समक्ष उनकी उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

सोनम वांगचुक मामले भी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी सुनवाई होनी है। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और सुधारक सोनम वांगचुक की रिहाई की अपील वाले इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की पीठ करेगी। बता दें कि UAPA कानून से जुड़ी धाराओं का सामना कर रहे वांगचुक फिलहाल राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद है। लद्दाख में हुई हिंसक झड़पों के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था।