हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दीपावली (दीपोत्सव) के पावन पर्व के शुभ आगमन से पूर्व सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान परम पूज्य गुरुदेव अनंतश्री विभूषित इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने विभिन्न सेवाओं में समर्पित सभी सेवादारों को उपहार स्वरूप वस्त्र और प्रसाद भेंट कर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने अपने प्रेरणादायक आशीर्वचनों में सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा केवल कोई कार्य नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण और कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम है। उन्होंने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार का त्याग कर निस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। सेवा में पद, प्रतिष्ठा या किसी भी प्रकार के प्रतिफल की भावना नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें श्रद्धा, विनम्रता और समर्पण का भाव सर्वोपरि होना चाहिए। गुरुदेव ने सेवादारों को इसी सेवा भाव के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।
पूज्य गुरुदेव द्वारा प्रदान किए गए ये उपहार सेवादारों की निस्वार्थ सेवा, समर्पण और अथक परिश्रम के प्रति आश्रम की कृतज्ञता का प्रतीक हैं। यह सम्मान केवल भौतिक उपहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गुरुदेव के अपार स्नेह, आशीर्वाद और सेवादारों के प्रति उनके आत्मीय भाव का सुंदर परिचायक है।
गुरुदेव के इस स्नेहपूर्ण और आत्मीय आशीर्वाद से सभी सेवादारों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता का संचार हुआ। इससे सेवादार आगामी दीपोत्सव सहित आश्रम के सभी धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में और अधिक निष्ठा, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपनी सेवाएं देने के लिए प्रेरित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से सेवादारों को उपहार भेंट करने एवं आशीर्वाद प्रदान करने का यह पावन क्रम निरंतर जारी है।

