New Delhi/Alive News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार की PIB फैक्ट चेक टीम ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि RBI ने करीब 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का सोना बेच दिया है।
RBI ने स्पष्ट किया है कि उसके स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में कोई कमी नहीं आई है और देश के पास मौजूद भौतिक सोने की मात्रा 880.52 टन बनी हुई है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि सोना बेचने की खबरें पूरी तरह गलत हैं और लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
दरअसल, Bloomberg Economics के एक विश्लेषण में अनुमान लगाया गया था कि RBI ने 22 मई तक के दो सप्ताह के दौरान करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा हो सकता है और साथ ही विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदी होंगी। इसी रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अटकलें शुरू हो गई थीं।
हालांकि, PIB फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दावे को “फर्जी” बताते हुए कहा कि RBI के आंकड़े इसके विपरीत तस्वीर दिखाते हैं। सरकार के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
PIB के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2025 में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई।
RBI के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मार्च 2026 में देश का स्वर्ण भंडार 880.34 टन था, जो अप्रैल में बढ़कर 880.52 टन हो गया। इसके बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के भंडार का कुल मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों और डॉलर विनिमय दर के अनुसार बदलता रहता है। इसलिए रिजर्व की कीमत में बदलाव का मतलब यह नहीं होता कि RBI ने सोना खरीदा या बेचा है।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, हाल के महीनों में वैश्विक बाजार में सोने की कीमत बढ़ने से भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य लगभग 117 अरब डॉलर से बढ़कर 122 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जबकि सोने की वास्तविक मात्रा लगभग समान बनी हुई है।
RBI और PIB ने साफ किया है कि भारत का स्वर्ण भंडार सुरक्षित है और सोना बेचने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

