New Delhi/Alive News: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। अगर यह आदेश गृह मंत्रालय की ओर से नहीं था, तो फिर इसे किसने जारी किया।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में दूसरा सवाल उठाया कि सामान्य कपड़ों में मौजूद जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, वे पुलिसकर्मी थे या वॉलंटियर्स? उनकी तैनाती किसके आदेश पर की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों से बातचीत करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ छात्रों के निजी अंगों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब की एक आंख चली गई।
इस बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिकारी जनता पार्टी (CJP) का छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है। शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पांच प्रमुख मांगें रखीं।
CJP की 5 प्रमुख मांगें
- नया और पारदर्शी परीक्षा कानून लागू किया जाए।
- NTA और SSC को संसद के कानून के तहत वैधानिक दर्जा दिया जाए।
- छात्रों के अधिकारों का नया चार्टर लागू हो।
- राष्ट्रीय परीक्षार्थी कल्याण कोष बनाया जाए।
- परीक्षा व्यवस्था की स्थायी संसदीय निगरानी सुनिश्चित की जाए।
CJP ने यह भी मांग की कि पेपर लीक के दोषियों को कम से कम 10 साल की सजा दी जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए। इसके अलावा एक स्वतंत्र राष्ट्रीय परीक्षा आयोग बनाने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया।

